राम मंदिर ‘दान गबन’ मामले में मुकदमा दर्ज किया जाना महज खानापूर्ति : विपक्ष
राम मंदिर 'दान गबन' मामले में मुकदमा दर्ज किया जाना महज खानापूर्ति : विपक्ष
लखनऊ, 26 जून (भाषा) समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने अयोध्या में राम मंदिर को मिले दान के कथित गबन से जुड़े मामले में बृहस्पतिवार को प्राथमिकी दर्ज किए जाने को खानापूर्ति करार देते हुए सवाल उठाए।
इस मामले में बृहस्पतिवार को अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि थाने में आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।
पुलिस के अनुसार चोरी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक षड़यंत्र समेत विभिन्न आरोपों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर की गयी पोस्ट में आरोप लगाया कि ऐसा लगता है कि एसआईटी को पहले रिपोर्ट बनाकर दे दी गयी होगी और उसके हिसाब से जांच की गयी होगी।
उन्होंने कहा, ”भाजपा राज में नाइंसाफ़ी की दिखेगी ये झांकी फुनगी को फांसी, शाखाओं को मिलेगी माफी! जनता कह रही है कि पहले एसआईटी के बहाने सारे सुबूत साफ कर दिये गये होंगे और ये तय कर लिया गया होगा कि किन बड़ी मछलियों को बचाना है और किसको फंसाना है, उसके बाद एफआईआर हो रही है।”
कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अजय राय ने वाराणसी में ‘पीटीआई वीडियो’ से बातचीत के दौरान कहा कि चढ़ावे में गबन के आरोप में दर्ज मुकदमा महज एक ‘औपचारिकता’ है।
उन्होंने कहा, ”यह मुकदमा सिर्फ औपचारिकता के तौर पर दर्ज किया गया है और इसमें सिर्फ छोटे कर्मचारियों के ही नाम शामिल हैं। जिन लोगों यानी नृपेंद्र मिश्र, चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्र की देखरेख में पूरा राम मंदिर और ट्रस्ट काम करता है, उनके नाम इसमें नहीं हैं।”
राय ने आरोप लगाया कि मंदिर से जुड़े कर्मचारियों ने दावा किया था कि उनसे 40 प्रतिशत तक कमीशन की मांग की गई थी।
उन्होंने कहा, ”ये सारी बातें इस बात को साबित करती है कि यह प्राथमिकी सिर्फ लोगों को गुमराह करने और जनता के गुस्से को शांत करने के लिए दर्ज की गई है। इसका कोई खास प्रभाव नहीं पड़ेगा। जब तक इसमें शामिल बड़े लोगों के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया जाता तब तक हम चुप नहीं बैठेंगे।”
राय ने कहा, ”प्रधानमंत्री के पूर्व सचिव और फिलहाल ट्रस्ट के अध्यक्ष पर आरोप लग रहे हैं तो उनके खिलाफ़ मामला क्यों दर्ज नहीं किया जा रहा है? ऐसा इसलिए है क्योंकि उन्हें प्रधानमंत्री का संरक्षण प्राप्त है। चंपत राय और अनिल मिश्रा के मामले में भी ऐसा ही है, इसीलिए इन सभी लोगों को बचाया जा रहा है।”
इस मामले में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने रामशंकर यादव, अनुकल्प मिश्र, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, लवकुश मिश्र, रमाशंकर मिश्र, सुभाष श्रीवास्तव तथा मनीष कुमार यादव नामक व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
भाषा सलीम जोहेब
जोहेब

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