शिक्षा नीति में बड़े बदलाव लाएगी हिमाचल प्रदेश सरकार; विशेष प्रशिक्षकों की भर्ती करेगी: सुक्खू

शिक्षा नीति में बड़े बदलाव लाएगी हिमाचल प्रदेश सरकार; विशेष प्रशिक्षकों की भर्ती करेगी: सुक्खू

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  • Publish Date - January 4, 2026 / 09:42 PM IST,
    Updated On - January 4, 2026 / 09:42 PM IST

हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश), चार जनवरी (भाषा) हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार को कहा कि राज्य सरकार शिक्षा नीति में बड़े बदलाव लाने जा रही है, जिसके तहत सरकारी विद्यालयों में अंग्रेजी और गणित के लिए विशेष प्रशिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी।

सुक्खू ने कहा कि सरकारी विद्यालयों को सीबीएसई पाठ्यक्रम के अंतर्गत लाया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘इन प्रशिक्षकों की नियुक्ति के लिए भर्ती प्रक्रिया शीघ्र ही शुरू होगी।’

सुक्खू ने हमीरपुर स्थित नादौन विधानसभा के अपने एक दिवसीय दौरे के दौरान, अपने पैतृक गांव भावरान (अमलेहार ग्राम पंचायत अंतर्गत) में लगभग 60 लाख रुपये की लागत से निर्मित गुग्गा धाम और पार्क का उद्घाटन करने के बाद एक जनसभा को संबोधित किया।

उन्होंने इस अवसर पर कहा कि अमलेहार स्कूल को सीबीएसई का दर्जा मिल चुका है। उन्होंने कहा, ‘‘राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल का निर्माण कार्य तेजी से जारी है और अगले वर्ष से कक्षाएं शुरू हो जाएंगी। अमलेहार सहित राज्य के चार चयनित विद्यालयों में कई विषय पढ़ाए जाएंगे, ताकि बच्चे अपनी रुचि के विषय चुन सकें।’’

इसके अलावा, सुक्खू ने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस तरह से उगाई गई फसलों के लिए उच्च मूल्य प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार प्राकृतिक खेती से उगाई गई हल्दी 90 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव से खरीद रही है। किसान पांच कनाल भूमि पर हल्दी की खेती करके तीन लाख रुपये तक कमा सकते हैं।’’

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बंजर भूमि पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए सब्सिडी भी दे रही है। उन्होंने कहा, ‘युवा चार कनाल भूमि पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाकर सालाना तीन लाख रुपये तक का शुद्ध लाभ कमा सकते हैं।’

मुख्यमंत्री ने बताया कि नादौन विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न पेयजल योजनाओं पर लगभग 100 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

इससे पहले, सुक्खू ने गौना ग्राम पंचायत अंतर्गत पखरोल गांव में लगभग 25 लाख रुपये की लागत से निर्मित श्री वैकुंठ धाम और पार्क का उद्घाटन किया, जहां उन्होंने स्थानीय निवासियों से बातचीत की और उनकी शिकायतें सुनीं।

उन्होंने नादौन कस्बे के इंदरपाल चौक पर स्वतंत्रता सेनानी इंदरपाल की प्रतिमा और स्मारक का भी उद्घाटन किया।

भाषा

अमित प्रशांत

प्रशांत