होली आपसी सद्भाव, प्रेम और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वांत रंजन

होली आपसी सद्भाव, प्रेम और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वांत रंजन

होली आपसी सद्भाव, प्रेम और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वांत रंजन
Modified Date: March 2, 2026 / 01:11 am IST
Published Date: March 2, 2026 1:11 am IST

लखनऊ, एक मार्च (भाषा) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन ने रविवार को कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि “आपसी सद्भाव, प्रेम और सांस्कृतिक एकता” का प्रतीक है।

उन्होंने लखनऊ में बाबू बनारसी दास बैडमिंटन अकादमी में होली से जुड़े एक कार्यक्रम में कहा, “हमारी परंपराएं हमें हमारी संस्कृति से जोड़ती हैं। भारतीय संस्कृति मूल्य आधारित संस्कृति है, जिसे हम अपने जीवन में अपनाते हैं।”

कार्यक्रम में शामिल उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा, ‘‘ भगवान श्रीराम के आदर्शों पर चलकर ही हम एक सशक्त और संस्कारित भारत का निर्माण कर सकते हैं।’’

बयान के अनुसार, कार्यक्रम में प्रसिद्ध लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने प्रस्तुति दी। साथ ही ब्रज, अवध, बुंदेलखंड, कुमाऊं और गढ़वाल क्षेत्रों की लोक कलाओं की रंगारंग प्रस्तुतियां भी दिखाई गईं।

भाषा अरुणव मनीष आनन्द सिम्मी

सिम्मी


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