कांशीराम ने कांग्रेस के विरोध में बसपा की स्थापना की थी, राहुल गांधी को इतिहास का ज्ञान नहीं: मंत्री

कांशीराम ने कांग्रेस के विरोध में बसपा की स्थापना की थी, राहुल गांधी को इतिहास का ज्ञान नहीं: मंत्री

कांशीराम ने कांग्रेस के विरोध में बसपा की स्थापना की थी, राहुल गांधी को इतिहास का ज्ञान नहीं: मंत्री
Modified Date: March 14, 2026 / 12:11 am IST
Published Date: March 14, 2026 12:11 am IST

लखनऊ, 13 मार्च (भाषा) उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री असीम अरुण ने शुक्रवार को कहा कि कांशी राम की विरासत पर राहुल गांधी का दावा ‘बनावटी’ है और उन्हें ‘इतिहास या भूगोल का कोई ज्ञान नहीं है’।

अरुण लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी के एक बयान पर प्रतिक्रिया दे रहे थे।

राहुल ने कहा था कि अगर जवाहरलाल नेहरू जीवित होते तो कांशीराम को कांग्रेस से मुख्यमंत्री बनाया जाता।

यहां जारी एक बयान में असीम अरुण ने कहा कि कांशीराम ने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की स्थापना विशेष रूप से कांग्रेस के विरोध में की थी।

सामाजिक कल्याण, अनुसूचित जाति और जनजातीय कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अरुण ने कहा, “दरअसल, कांशीराम ने कांग्रेस द्वारा दलितों के शोषण का विस्तृत वर्णन करते हुए एक पूरी किताब लिखी है। राहुल गांधी को कांशी राम की किताब ‘चमचा युग’ पढ़नी चाहिए। कांशी राम का मानना ​​था कि कांग्रेस ने ऐसी नीतियां अपनाईं जिनसे यह सुनिश्चित हो सके कि कोई भी दलित नेता कभी भी सिर ऊंचा करके आगे न बढ़ सके।”

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस दलित समुदाय से केवल चाटुकार नेता ही चाहती थी।

अरुण ने कहा, “सच तो यह है कि कांग्रेस ने कांशीराम को अछूत की तरह माना और उनके जीवनकाल में कभी भी उन्हें सम्मान नहीं दिया। अब राहुल गांधी सिर्फ वोट पाने के लिए यह सब दिखावा कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा, “कांशीराम एक आत्मसम्मानित नेता थे जिन्होंने अपना पूरा जीवन दलितों की गरिमा को बनाए रखने के लिए समर्पित कर दिया।”

मंत्री ने कहा कि राज्य में चुनाव नजदीक आने के साथ ही कांग्रेस और समाजवादी पार्टी दोनों ही काांशीराम की विरासत पर अपना दावा करने की कोशिश कर रही हैं जबकि उनका इससे “वास्तविक रूप से कोई संबंध नहीं है”।

उन्होंने कहा कि काांशीराम के मार्गदर्शन में बसपा ने तीन अलग-अलग मौकों पर भाजपा के साथ गठबंधन किया।

अरुण ने कहा, “यह व्यापक रूप से माना जाता है कि अगर काांशीराम आज जीवित होते, तो वे संभवतः भाजपा के सबसे करीब होते।”

उन्होंने कहा,“बसपा प्रमुख मायावती इस विरासत की सबसे प्रबल हकदार हैं क्योंकि उन्हें इस बात की पूरी जानकारी है कि कांग्रेस और सपा ने दलितों के साथ कैसा बर्ताव किया है तथा उनके नेताओं का किस तरह शोषण किया गया है।”

राहुल ने कांशीराम की जयंती से पहले शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित संविधान सम्मेलन को संबोधित करते हुए दलित नायक को श्रद्धांजलि अर्पित की।

उन्होंने कहा, “अगर जवाहरलाल नेहरू जीवित होते, तो कांशीराम कांग्रेस से मुख्यमंत्री होते।”

भाषा आनन्द मनीष जितेंद्र

जितेंद्र


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