लखनऊ विश्वविद्यालय उत्पीड़न मामला: प्रारंभिक जांच में नहीं मिला पेपर लीक का कोई सबूत
लखनऊ विश्वविद्यालय उत्पीड़न मामला: प्रारंभिक जांच में नहीं मिला पेपर लीक का कोई सबूत
लखनऊ, 17 मई (भाषा) परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के मामले में पकड़े गए लखनऊ विश्वविद्यालय के एक सहायक प्रोफेसर के खिलाफ शुरुआती जांच में पुलिस को पेपर लीक करने का कोई सुबूत नहीं मिला है।
पुलिस ने रविवार को बताया कि परमजीत सिंह नामक आरोपी शिक्षक को शुक्रवार देर रात गिरफ्तारी के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
पुलिस के अनुसार, 40 वर्षीय सिंह लखनऊ विश्वविद्यालय के प्राणी विज्ञान विभाग में सहायक प्रोफेसर है।
मामले की जांच की निगरानी कर रहे महानगर सहायक पुलिस आयुक्त अंकित कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि प्रारंभिक जांच में यह संकेत नहीं मिला है कि आरोपी शिक्षक ने कोई परीक्षा प्रश्नपत्र लीक किया था, जैसा कि वायरल ऑडियो बातचीत में दावा किया गया था।
इस बीच, विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) की जांच रिपोर्ट सोमवार को कार्य परिषद की आपात बैठक में रखी जाएगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा। विश्वविद्यालय के प्रवक्ता मुकुल श्रीवास्तव ने यह जानकारी दी।
पुलिस के मुताबिक, सिंह ने 14-15 मई की रात बीएससी की अंतिम वर्ष की एक छात्रा को फोन करके उसपर परीक्षा से पहले मुलाकात का दबाव बनाया था।
शुक्रवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुए कथित ऑडियो क्लिप में आरोपी शिक्षक छात्रा से यह कहते हुए सुनाई दे रहा है, “डार्लिंग, तुम्हारा पेपर लीक हो गया है। परीक्षा से पहले घर से आ जाओ, हम यहां पेपर दे देंगे।”
जून 2022 से सहायक प्रोफेसर के पद पर कार्यरत सिंह ने आरोपों से इनकार करते हुए दावा किया था कि विश्वविद्यालय और छात्रों के बीच की “आंतरिक राजनीति” के कारण उन्हें फंसाया जा रहा है।
पुलिस कार्रवाई से पहले शुक्रवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से फोन पर बातचीत में सिंह ने कहा था, “मैं इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करता हूं। विश्वविद्यालय की आंतरिक राजनीति के कारण मुझे इस मामले में निशाना बनाया जा रहा है।”
विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू करते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करके सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
विश्वविद्यालय ने एक बयान में कहा कि आईसीसी ने दोनों पक्षों के तथ्यों पर विचार करने के बाद अपनी जांच पूरी कर ली है।
विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर राकेश द्विवेदी ने बताया कि परीक्षा नियंत्रक ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी और आईसीसी ने भी मामले की जांच शुरू कर दी थी।
पुलिस को दी गई शिकायत में द्विवेदी ने कहा कि सहायक प्रोफेसर और छात्रा के बीच “आपत्तिजनक” बातचीत की तीन ऑडियो रिकॉर्डिंग प्राप्त हुई हैं। उन्होंने इसे परीक्षा की गोपनीयता और छात्रा की गरिमा का गंभीर उल्लंघन बताया।
शिकायत के साथ ऑडियो रिकॉर्डिंग वाली एक पेन ड्राइव भी पुलिस को सौंपी गई।
भाषा सलीम जोहेब
जोहेब

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