उप्र : मेरठ में पति की हत्या के मामले में महिला को उम्रकैद

Ads

उप्र : मेरठ में पति की हत्या के मामले में महिला को उम्रकैद

  •  
  • Publish Date - July 31, 2026 / 11:05 PM IST,
    Updated On - July 31, 2026 / 11:05 PM IST

मेरठ, 31 जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के मेरठ की एक अदालत ने वर्ष 2017 में 16 वर्षीय लड़के की मदद से अपने पति की हत्या करने और शव को बोरे में भरकर स्टोर रूम में छिपाने के मामले में शुक्रवार को एक महिला को उम्रकैद की सजा सुनाई।

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रितेश सचदेवा ने टीपी नगर थाना क्षेत्र के शिवपुरम निवासी दीया उर्फ दीपा को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 (हत्या) और 201 (साक्ष्य मिटाने) के तहत दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई तथा 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।

अभियोजन अधिकारी प्रेरणा वर्मा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि अदालत ने यह फैसला बाबूराम की हत्या के मामले में सुनाया है। घटना के समय बाबूराम की उम्र 25 वर्ष थी।

अभियोजन के अनुसार, घटना 21 अक्टूबर 2017 की रात की है, जब बाबूराम मेरठ के शिवपुरम में किराये के मकान में दीया के साथ रह रहा था।

अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि उस रात दीया ने अपने परिचित 16 वर्षीय शिवम को घर बुलाया। शिवम ने कथित तौर पर बाबूराम को पकड़ लिया, जबकि दीया ने लकड़ी के कपड़े धोने वाले डंडे से उसके सिर पर कई बार वार किए।

अभियोजन के अनुसार, इसके बाद दीया ने कथित तौर पर लोहे की प्रेस के बिजली के तार से गला घोंटकर बाबूराम की हत्या कर दी।

वर्मा ने बताया कि मृतक का भतीजा इस घटना का प्रत्यक्षदर्शी था और उसने अदालत में गवाही भी दी।

अभियोजन के अनुसार, हत्या के बाद दीया ने बच्चे को घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी। आरोप है कि इसके बाद दीया और शिवम ने बाबूराम के शव को बोरे में भरकर कबाड़ रखने वाले कमरे में छिपा दिया।

अभियोजन अधिकारी ने बताया कि शिवम के खिलाफ मामला किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष लंबित है। घटना की जानकारी मिलने के बाद टीपी नगर पुलिस ने आईपीसी की धारा 302 और 201 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। वर्मा ने बताया कि जांच के दौरान साक्ष्य जुटाए गए, जिसके बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया।

भाषा

सं, आनन्‍द रवि कांत