मंच पर रोये मंत्री संजय निषाद : कहा- निषाद समुदाय को एससी का दर्जा नहीं मिला तो देंगे इस्तीफा

मंच पर रोये मंत्री संजय निषाद : कहा- निषाद समुदाय को एससी का दर्जा नहीं मिला तो देंगे इस्तीफा

मंच पर रोये मंत्री संजय निषाद : कहा- निषाद समुदाय को एससी का दर्जा नहीं मिला तो देंगे इस्तीफा
Modified Date: March 22, 2026 / 10:07 pm IST
Published Date: March 22, 2026 10:07 pm IST

गोरखपुर (उप्र), 22 मार्च (भाषा) उत्तर प्रदेश के मत्स्य विकास मंत्री संजय निषाद ने रविवार को निषाद समुदाय को अनुसूचित जाति (एससी) का दर्जा देने की वकालत करते हुए कहा कि अगर यह मांग पूरी नहीं हुई तो वह मंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे।

निषाद ने साल 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए अपनी पार्टी के अभियान का ‘बिगुल’ बजाते हुए लगभग तीन हजार मोटरसाइकिल सवारों की एक रैली का नेतृत्व किया और बाद में महंत दिग्विजयनाथ पार्क में निषाद पार्टी के राज्य सम्मेलन को संबोधित किया।

निषाद ने अपने संबोधन के दौरान समुदाय के साथ अन्याय होने का आरोप लगाया। इस दौरान वह काफी भावुक हो गए और कथित तौर पर मंच पर ही रो पड़े।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे वोट छीने जा रहे हैं। हमारी बहनों और बेटियों की गरिमा का उल्लंघन किया जा रहा है। हमें और मजबूत बनने की ज़रूरत है।’’

निषाद ने समर्थकों से एकजुट होने और पार्टी को मजबूत करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि निषाद पार्टी पूरे राज्य में चार बड़ी रैलियां आयोजित करेगी ताकि वर्तमान में अन्य पिछड़ा वर्ग में आने वाले निषाद समुदाय को अनुसूचित जाति की श्रेणी में शामिल करने की मांग के लिए दबाव बनाया जा सके।

मंत्री ने कहा, ‘‘हमारे समुदाय को अनुसूचित जातियों में गिना जाना चाहिए। यह हमारा संवैधानिक अधिकार है।’’

निषाद ने पिछली सरकारों पर समुदाय की उपेक्षा करने का आरोप लगाया और कहा कि समाजवादी पार्टी (सपा) ने उन्हें शिक्षा से वंचित रखा, जबकि बहुजन समाज पार्टी (बसपा)ने उनकी आजीविका को प्रभावित किया। उन्होंने अतीत में इस मुद्दे को उलझाने के लिए कांग्रेस को भी दोषी ठहराया।

निषाद ने कहा कि पार्टी इस मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकार के साथ बातचीत कर रही है। उन्होंने दावा किया कि (प्रधानमंत्री)नरेन्द्र मोदी और (केंद्रीय गृहमंत्री)अमित शाह इस मांग को पूरा करने के प्रति गंभीर हैं।

उन्होंने मांग की कि ओबीसी श्रेणी से नौ प्रतिशत आरक्षण कोटे को काटकर उसे अनुसूचित जातियों को हस्तांतरित किया जाए ताकि समुदाय के लिए शिक्षा और नौकरियों तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित हो सके।

निषाद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद देते हुए उम्मीद जताई कि राज्य सरकार इस मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी।

यह रैली और सम्मेलन महाराजा गुह्यराज निषाद की जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया था, जिसमें पूरे राज्य से पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

निषाद ने कहा कि एक दशक पहले गठित यह पार्टी, निषाद समुदाय के भीतर विभिन्न उप-जातियों के लिए आरक्षण और अन्य अधिकार हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने मत्स्य विभाग द्वारा उठाए गए कल्याणकारी कदमों पर भी प्रकाश डाला, और दावा किया कि 70,000 से अधिक मछुआरों को ‘प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना’ तथा राज्य की अन्य पहलों जैसी योजनाओं से लाभ मिला है।

भाषा सं सलीम धीरज

धीरज


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