कैनेडियन हिंदू चैम्बर और उप्र के तीन विश्विद्यालयों के बीच एमओयू हुए

कैनेडियन हिंदू चैम्बर और उप्र के तीन विश्विद्यालयों के बीच एमओयू हुए

कैनेडियन हिंदू चैम्बर और उप्र के तीन विश्विद्यालयों के बीच एमओयू हुए
Modified Date: January 5, 2026 / 10:21 pm IST
Published Date: January 5, 2026 10:21 pm IST

लखनऊ, पांच जनवरी (भाषा) ‘कैनेडियन हिन्दू चैंबर ऑफ कॉमर्स’ तथा उत्तर प्रदेश के तीन प्रमुख विश्वविद्यालयों-लखनऊ विश्वविद्यालय, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) एवं ख्वाजा मुइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के बीच सोमवार को तीन समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए। राजभवन से जारी एक बयान में यह जानकारी दी गई।

बयान के अनुसार समझौता ज्ञापनों के अंतर्गत छात्र एवं संकाय आदान प्रदान, संयुक्त शोध व पाठ्यक्रम आदन प्रदान सहित उच्च शिक्षा से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में आपसी सहयोग को बढ़ावा देने पर सहमति बनी। यह एमओयू राजभवन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की मौजूदगी में किए गए।

राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति पटेल ने उपस्थित प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा, “उत्तर प्रदेश में शिक्षा एवं स्वास्थ्य व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिले हैं और अब इन्हें उत्कृष्टता के उच्चतम स्तर तक पहुंचाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।”

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राज्यपाल ने प्रदेश के विश्वविद्यालयों द्वारा किए जा रहे नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि नए-नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत तथा नैक (नेशनल असेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन काउंसिल) और एनआईआरएफ ((राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क) के उत्कृष्ट रैंकिंग मानकों के अनुरूप किए जा रहे कार्यों से संस्थान में गुणवत्तापूर्ण परिवर्तन स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अभी और प्रयास किए जाने की आवश्यकता है।

उन्होंने भारत को “वसुधैव कुटुम्बकम” एवं भगवान बुद्ध के सिद्धांतों को मानने वाला देश बताते हुए कहा कि ऐसे ही संस्कार “हमारी आने वाली पीढ़ियों में भी विकसित किए जाने चाहिए।”

कैनेडियन हिन्दू चैंबर ऑफ कॉमर्स के ट्रस्टी नरेश कुमार चावड़ा ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय भाषाओं की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मांग बढ़ रही है और भारतीय भाषाओं के अध्ययन के लिए कनाडा से छात्र भारत आएंगे।

उन्होंने कहा कि एमओयू के अंतर्गत कार्यों की गति भले ही क्रमिक होगी, लेकिन सभी निर्धारित कदम निश्चित रूप से पूर्ण किए जाएंगे।

भाषा आनन्द नोमान

नोमान


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