‘नीट’ को ‘लीक परीक्षा’ कहा जाना चाहिए: अखिलेश यादव
‘नीट’ को ‘लीक परीक्षा’ कहा जाना चाहिए: अखिलेश यादव
लखनऊ, 19 मई (भाषा) समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्र व राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए मंगलवार को कहा कि ‘नीट’ को अब “लीक परीक्षा” कहा जाना चाहिए।
यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश के करीब चार लाख बच्चे यह परीक्षा देते हैं और वे तथा उनके परिवार इस परेशानी को कभी नहीं भूल पाएंगे।
राज्य की राजधानी लखनऊ में आयोजित ‘अमर उजाला संवाद उत्तर प्रदेश 2026’ कार्यक्रम में सपा अध्यक्ष ने कहा कि लाखों बच्चों के भविष्य का फैसला करने वाली इस परीक्षा में ‘‘गड़बड़ी’’ के लिए केवल संबंधित मंत्री ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से भी इस्तीफे की मांग होनी चाहिए थी।
एक सवाल के जवाब में यादव ने कहा, “भारतीय जनता पार्टी की सरकार में नीट को ‘लीक परीक्षा’ लिख देना चाहिए।”
उन्होंने कहा, “केवल मंत्री का इस्तीफा क्यों मांगा जाए? प्रधानमंत्री का इस्तीफा मांगा जाना चाहिए था। मुख्यमंत्री का इस्तीफा भी मांगा जाना चाहिए था। हमारे मुख्यमंत्री जी इस कार्यक्रम में आए क्यों नहीं? उन्होंने नीट पर बात क्यों नहीं की?’’
पश्चिम बंगाल के चुनावों से जुड़े सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा, “बंगाल में जो हुआ, वह कभी उत्तर प्रदेश में भी हुआ था। बंगाल में जो दोहराया गया, वही उत्तर प्रदेश में भी दोहराया गया। मैं उन तमाम अखबारों और डिजिटल मंच का धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने पुलिस के अधिकारी द्वारा महिलाओं को रिवॉल्वर का डर दिखाकर मतदान केंद्र जाने से रोकने की तस्वीर प्रकाशित की थी।’’
उन्होंने कहा, “मैं उन महिलाओं का भी धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने उस अधिकारी, उसकी रिवॉल्वर और गोलियों की परवाह नहीं की।”
अखिलेश यादव ने कहा कि अयोध्या में भाजपा की हार उसके लिए बड़ी राजनीतिक हार थी, जिसे वह अब तक भूल नहीं पा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि वहां विधानसभा चुनाव में “एक-एक व्यक्ति ने छह-छह वोट डाले” और कई लोग पकड़े भी गए।
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया, “मंत्री जी के करीबी लोग भी पकड़े गए थे।”
भाषा जफर मनीषा खारी
खारी

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