विधानसभा में विधायकों की अभिव्यक्ति पर आपत्ति करना निंदनीय : अखिलेश यादव

विधानसभा में विधायकों की अभिव्यक्ति पर आपत्ति करना निंदनीय : अखिलेश यादव

विधानसभा में विधायकों की अभिव्यक्ति पर आपत्ति करना निंदनीय : अखिलेश यादव
Modified Date: August 4, 2026 / 10:14 pm IST
Published Date: August 4, 2026 10:14 pm IST

लखनऊ, चार अगस्त (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को कहा कि भाजपा के कुशासन में विधानसभा के भीतर विधायकों की अभिव्यक्ति पर आपत्ति करना पूरी तरह निंदनीय है।

विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन सदन में हंगामे के बाद अध्यक्ष सतीश महाना ने सपा विधायक सचिन यादव को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया। सचिन यादव पर मुख्यमंत्री की तस्वीर के साथ विरोध प्रदर्शन करने का आरोप है।

अखिलेश यादव ने “एक्स” पर पोस्ट किया, “भाजपा कुशासन में आम जनता तो छोड़िए, उत्तर प्रदेश विधानसभा तक में विधायकों की भी अभिव्यक्ति पर आपत्ति किया जा रहा है जो निंदनीय है।”

उन्होंने कहा, ‘‘उससे भी अधिक निंदनीय यह है कि सदन के बाहर जो सत्ताधारी महिलाओं का अपमान करते हैं, वे सदन में भी महिला विधायकों से शालीन व्यवहार नहीं करते।’’

सपा प्रमुख ने तंज कसा, ‘‘जनता जानना चाहती है कि अगर मुख्यमंत्री द्वारा गठित एसआईटी ने ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ कर दिया था, तो क्या नई एसआईटी ‘पानी का भी पानी’ करेगी? भाजपा सरकार है या वॉटर फ़िल्टर?’

इस बीच प्रदेश कांग्रेस ने “एक्स” पर पोस्ट किया, “उत्तर प्रदेश विधानसभा में जिस प्रकार अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठकर विपक्षी विधायकों पर तंज कसे जा रहे हैं और राजनीतिक छींटाकशी की जा रही है, वह संसदीय परंपराओं और तटस्थता के सिद्धांतों पर गंभीर प्रश्न उठाता है।”

कांग्रेस ने विधानसभा कार्यवाही का एक वीडियो भी साझा किया है।

कांग्रेस ने लिखा, “पीठ का दायित्व सभी सदस्यों को साथ लेकर चलना और निष्पक्षता बनाए रखना है। लेकिन जब आसन ही सत्ता पक्ष के राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने लगे, तो लोकतंत्र की नींव कमज़ोर होती है।”

कांग्रेस ने कहा, “उत्तर प्रदेश की जनता देख रही है कि कैसे संवैधानिक पदों की गरिमा को दरकिनार किया जा रहा है।”

भाषा आनन्द

राजकुमार

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