यूजीसी नियमों के खिलाफ उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में विरोध-प्रदर्शन

यूजीसी नियमों के खिलाफ उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में विरोध-प्रदर्शन

यूजीसी नियमों के खिलाफ उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में विरोध-प्रदर्शन
Modified Date: January 27, 2026 / 06:32 pm IST
Published Date: January 27, 2026 6:32 pm IST

लखनऊ, 27 जनवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के अलीगढ़, संभल, कुशीनगर और अन्य जिलों में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन हुए, जिसमें छात्र समूहों और संगठनों ने उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति आधारित भेदभाव का आरोप लगाया।

अलीगढ़ में, छात्र प्रदर्शनकारियों ने जिला कलेक्ट्रेट में हाथरस के भारतीय जनता पार्टी सांसद अनूप प्रधान के काफिले को रोक दिया और नए यूजीसी नियमों को तुरंत वापस लेने की मांग की।

इस विरोध-प्रदर्शन का नेतृत्व राष्ट्रवादी छात्र संगठन के सदस्यों ने किया और इसे क्षत्रिय महासभा, अलीगढ़ के नेताओं का समर्थन मिला।

प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी का पुतला भी जलाया और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ नारे लगाए। साथ ही चेतावनी दी कि अगर केंद्र सरकार ने नियमों को रद्द करने की उनकी मांग नहीं मानी तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

बाद में, प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें नियमों को तुरंत वापस लेने की मांग की गई।

सोमवार को, प्रदर्शनकारियों के इसी समूह ने अलीगढ़ प्रदर्शनी मैदान में ‘हिंदू विराट सम्मेलन’ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बाधा डाली, जहां उपदेशक साध्वी प्राची मुख्य अतिथि थीं।

वहीं, संभल के चंदौसी में ‘ब्राह्मण शक्ति संघ’ के सदस्यों ने फव्वारा चौक पर विरोध प्रदर्शन किया और ‘काला कानून वापस लो’ जैसे नारे लगाए।

प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा।

संगठन ने नियमों में संशोधन या उन्हें पूरी तरह से वापस लेने की मांग की, साथ ही राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी।

कुशीनगर में, ‘अंतरराष्ट्रीय ब्राह्मण संगठन’ के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया, जिसमें आरोप लगाया गया कि यूजीसी के नियम शिक्षा में योग्यता और समानता को कमजोर करते हैं।

अधिकारियों ने कहा कि विरोध प्रदर्शन काफी हद तक शांतिपूर्ण रहे।

उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति आधारित भेदभाव को रोकने के लिए 13 जनवरी, 2026 को प्रकाशित यूजीसी के नियमों में विशेष समितियों, हेल्पलाइन और निगरानी दलों की स्थापना अनिवार्य की गई है ताकि विशेष रूप से अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के छात्रों की शिकायतों का समाधान किया जा सके।

भाषा सं जफर शफीक

शफीक


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