राम मंदिर ट्रस्ट आगे की कार्रवाई तय करने के लिए सात जुलाई को बैठक करेगा: विहिप प्रमुख
राम मंदिर ट्रस्ट आगे की कार्रवाई तय करने के लिए सात जुलाई को बैठक करेगा: विहिप प्रमुख
लखनऊ, 27 जून (भाषा) विश्व हिंदू परिषद (विहिप) प्रमुख आलोक कुमार ने शनिवार को कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट दो वरिष्ठ ट्रस्ट पदाधिकारियों के इस्तीफे के बाद आगे की कार्रवाई तय करने के लिए सात जुलाई को अयोध्या में बैठक करेगा।
विहिप ने उम्मीद जताई कि राम मंदिर के मामलों के प्रबंधन के लिए एक सीईओ (मुख्य कार्यकारी अधिकारी)नियुक्त किया जाएगा।
राम मंदिर ट्रस्ट और विहिप दोनों ने शनिवार शाम पुष्टि की कि इसके महासचिव चंपत राय और वरिष्ठ ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने राम मंदिर दान विवाद के बाद नैतिक आधार पर इस्तीफा दे दिया है।
कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ को फोन पर बताया, ‘यह सच है कि राय और मिश्रा ने राम मंदिर दान विवाद की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए क्रमुश: ट्रस्ट के अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष पदों से अपना इस्तीफा भेज दिया है। ट्रस्ट अपनी सात जुलाई की बैठक में इस मुद्दे को संबोधित करेगा।’
कुमार ने कहा कि हालांकि राय और मिश्रा के इस्तीफे पर फैसला करना ट्रस्ट का काम है, लेकिन उन्हें लगता है कि उनके फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए क्योंकि ट्रस्ट के दोनों पदाधिकारियों ने नैतिक रुख अपनाया है।
इस मुद्दे की जांच के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गठित एसआईटी ने सरकार को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में दान संग्रह में घोर कदाचार और कुप्रबंधन का संकेत दिया था, जिसके तुरंत बाद इस्तीफे हुए।
हालांकि प्राथमिकी में न तो राय और न ही मिश्रा का नाम था, लेकिन मामले को समय पर रिपोर्ट नहीं करने के मामले में उनकी भूमिका जांच के दायरे में थी।
अब तक गिरफ्तार किए गए आठ लोगों में से एक राय का पूर्व चालक है, जो एसआईटी रिपोर्ट के अनुसार बिना अधिकार के ‘हुंडी’ (दान पेटी) की चाबियां रखता था। ट्रस्ट के महासचिव होने के अलावा, राय वीएचपी के उपाध्यक्ष भी हैं।
कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘मंदिर के प्रबंधन के प्रति लोगों का विश्वास हिल गया है। यह मेरी समझ है कि अगर मामले की शीघ्र जांच की जाए, त्वरित अदालत में फैसला किया जाए और दोषियों (राम मंदिर के दान के गबन के) को रिकॉर्ड समय में न्याय के कठघरे में लाया जाए, तो यह एक राहत देने जैसा होगा।”
उन्होंने कहा कि वह राम मंदिर के मामलों के प्रबंधन के लिए एक सीईओ की नियुक्ति के पक्ष में हैं।
उन्होंने कहा, ‘मुझे उम्मीद है कि अब हमारे पास अन्य ट्रस्टियों के साथ राम मंदिर के मामलों का प्रबंधन करने के लिए एक सीईओ प्रकार का सेटअप होगा।’’ उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर अंतिम फैसला ट्रस्टियों को करना है।
कुमार ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि क्या ट्रस्ट सात जुलाई की बैठक में राय के स्थान पर एक नए महासचिव को नियुक्त करेगा, हालांकि सूत्रों ने संकेत दिया कि यह एक संभावना है।
उन्होंने मंदिर प्रबंधन के प्रति लोगों का विश्वास बहाल करने के तरीकों पर ‘पीटीआई-भाषा’ के एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, ‘अगर लोगों को यह पता चल जाए कि सभी आधुनिक प्रणालियों का उपयोग करते हुए ट्रस्टियों ने यह सुनिश्चित करने के लिए पद्धति स्थापित की है कि धन का दुरुपयोग न हो और आध्यात्मिक माहौल के साथ-साथ भक्तों के लिए सुविधाएं भी बढ़ाई जाएं, तो जनता का विश्वास बहाल हो जाएगा।’’
भाषा मनीष जफर संतोष
संतोष

Facebook


