एसआईटी सिर्फ दिखावा है, इसे ताकतवर लोगों को बचाने के लिए बनाया गया है: अरविंद केजरीवाल

एसआईटी सिर्फ दिखावा है, इसे ताकतवर लोगों को बचाने के लिए बनाया गया है: अरविंद केजरीवाल

एसआईटी सिर्फ दिखावा है, इसे ताकतवर लोगों को बचाने के लिए बनाया गया है: अरविंद केजरीवाल
Modified Date: June 25, 2026 / 05:11 pm IST
Published Date: June 25, 2026 5:11 pm IST

लखनऊ, 25 जून (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक एवं दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बृहस्पतिवार को अयोध्या में राम मंदिर में दान और चढ़ावे में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की कानूनी वैधता पर सवाल उठाया और इसे ‘लोगों की आंखों में धूल झोंकने का एक प्रयास’ बताया।

अयोध्या जाते समय लखनऊ हवाई अड्डे पर पहुंचे केजरीवाल ने आरोप लगाया कि एसआईटी का उद्देश्य श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित अनियमितता के पीछे की सच्चाई को उजागर करने के बजाय प्रभावशाली लोगों को बचाना है।

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री का हवाई अड्डे पर सैकड़ों पार्टी कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। केजरीवाल ने कहा कि वह राम मंदिर में पूजा-अर्चना करने, हनुमानगढ़ी के दर्शन करने और संतों से मिलने के लिए अयोध्या जाएंगे।

केजरीवाल ने हवाई अड्डे पर पत्रकारों को संबोधित करते हुए आरोप लगाया, ‘मीडिया और सोशल मीडिया पर आयी खबरों से पता चलता है कि श्रद्धालुओं द्वारा गहरी भक्ति के साथ भगवान को चढ़ाए गए हीरे और कीमती पत्थर कथित तौर पर चोरी हो गए हैं, 200 करोड़ रुपये तक की नकदी कथित तौर पर चोरी हो गई है और यहां तक कि किसी द्वारा दान की गई 200 किलोग्राम चांदी भी कथित तौर पर चोरी हो गई है।’

उन्होंने कहा कि इसने श्रद्धालुओं की भावनाओं को बहुत आहत किया है। केजरीवाल ने कहा, ‘मैं बहुत व्यथित हूं। मेरे जैसे करोड़ों-करोड़ों लोग हैं जो बहुत व्यथित हैं। इसलिए मैं अयोध्या जा रहा हूं। कल मैं राम मंदिर जाऊंगा और भगवान राम की पूजा करूंगा और हनुमानगढ़ी भी जाऊंगा।’

आप नेता ने कथित अनियमितताओं की एसआईटी जांच पर भी सवाल उठाया और दावा किया कि करोड़ों रुपये के दान से जुड़े आरोपों के बावजूद कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है।

उन्होंने कहा,’इस मामले में कथित तौर पर अरबों रुपये का दान चुराया गया है, कुछ पैसे भी बरामद किए गए हैं, फिर भी कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। प्राथमिकी के बिना एसआईटी का गठन नहीं किया जा सकता है। सीआरपीसी में कहा गया है कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद ही एसआईटी का गठन किया जा सकता है। यह एसआईटी किस कानून के तहत बनाई गई है?’

यह आरोप लगाते हुए कि जांच का उद्देश्य प्रभावशाली व्यक्तियों को बचाना है, केजरीवाल ने कहा, ‘इस एसआईटी के पास जांच करने की कोई शक्ति नहीं है। यह एसआईटी महज एक धोखाधड़ी है, लोगों की आंखों में धूल झोंकने का प्रयास है। इसका एकमात्र उद्देश्य प्रभावशाली लोगों को बचाना और पूरे मामले को दबाना है।’

उन्होंने दावा किया कि दान, आभूषण और अन्य चढ़ावे की कथित चोरी वरिष्ठ लोगों की संलिप्तता के बिना नहीं हो सकती और कहा कि वह शुक्रवार को अपनी अयोध्या यात्रा के दौरान इस मुद्दे पर और विस्तार से बताएंगे।

इससे पहले दिन में, आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह राम मंदिर दान में कथित अनियमितता से संबंधित मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) के सामने पेश हुए और दस्तावेज सौंपे। उन्होंने दावा किया कि उनके द्वारा सौंपे गए दस्तावेज में भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के सबूत हैं।

भाषा चंदन जफर अमित

अमित


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