एसआईटी जांच का मकसद भाजपा, आरएसएस और विहिप के बड़े नेताओं को बचाने का प्रयास: किशोरी लाल शर्मा

एसआईटी जांच का मकसद भाजपा, आरएसएस और विहिप के बड़े नेताओं को बचाने का प्रयास: किशोरी लाल शर्मा

एसआईटी जांच का मकसद भाजपा, आरएसएस और विहिप के बड़े नेताओं को बचाने का प्रयास: किशोरी लाल शर्मा
Modified Date: June 29, 2026 / 04:10 pm IST
Published Date: June 29, 2026 4:10 pm IST

अमेठी, 29 जून (भाषा) उत्तर प्रदेश के अमेठी से कांग्रेस सांसद किशोरी लाल शर्मा ने राम जन्मभूमि दान में कथित वित्तीय अनियमितताओं की एसआईटी जांच को महज दिखावा करार देते हुए सोमवार को आरोप लगाया कि यह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के बड़े नेताओं को बचाने का प्रयास है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस इसके खिलाफ देशभर में जन जागरण अभियान चलाएगी।

सांसद शर्मा ने यहां पत्रकारों से कहा कि कांग्रेस को एसआईटी जांच पर भरोसा नहीं है और यह केवल बड़े व ताकतवर लोगों को बचाने का प्रयास है।

उन्होंने कहा, ‘‘डबल इंजन’ की सरकार मामले की जांच में तथ्यों को छिपाने और संलिप्त बड़े लोगों को बचाने का प्रयास कर रही है।’’

शर्मा ने दावा किया कि इस मामले में विहिप, भाजपा और आरएसएस के बड़े नेता शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि अगर इसकी सही ढंग से जांच हो जाए तो ‘‘दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।’’

कांग्रेस सांसद ने कहा कि केवल आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करना पर्याप्त नहीं है क्योंकि इसके पीछे के लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर देशभर में जन जागरण अभियान चलाएगी और भाजपा का असली चेहरा जनता के सामने रखेगी।

शर्मा ने कहा, ‘‘जो राम के नहीं हुए, वे देश के क्या होंगे।’’

उन्होंने कहा कि देश का युवा बेरोजगारी की समस्या से जूझ रहा है, छात्र प्रश्न पत्र लीक से परेशान हैं और आत्महत्या के मामले सामने आ रहे हैं।

सांसद ने आरोप लगाया कि सरकार कुछ चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए काम कर रही है।

उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का नाम लेते हुए कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद संसद में यह कहा गया था कि किसी जवान की शहादत नहीं हुई जबकि बाद में छह जवानों के शहीद होने की बात स्वीकार की गई।

शर्मा ने यह भी कहा कि वह मंगलवार को अयोध्या जाएंगे और रामलला के दर्शन करेंगे।

भाषा सं आनन्द जितेंद्र

जितेंद्र


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