कुछ लोगों ने अपनी विचारधारा और कार्यों के जरिए देश को भारी नुकसान पहुंचाया: राजनाथ सिंह

कुछ लोगों ने अपनी विचारधारा और कार्यों के जरिए देश को भारी नुकसान पहुंचाया: राजनाथ सिंह

कुछ लोगों ने अपनी विचारधारा और कार्यों के जरिए देश को भारी नुकसान पहुंचाया: राजनाथ सिंह
Modified Date: August 29, 2026 / 09:09 pm IST
Published Date: August 29, 2026 9:09 pm IST

(फोटो के साथ)

लखनऊ, 29 अगस्त (भाषा) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को लोगों से आंतरिक कलह के प्रति सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि कुछ लोगों ने अपने संकीर्ण हितों के लिए बार-बार देश के साथ विश्वासघात किया है और हथियारों का इस्तेमाल किए बिना भी अपनी विचारधारा व कार्यों के जरिए देश को भारी नुकसान पहुंचाया है।

सिंह लखनऊ के चौक क्षेत्र में सुगंध पार्क के उद्घाटन और लाला लाजपत राय तथा शहीद भगत सिंह की प्रतिमाओं के अनावरण कार्यक्रम में बोल रहे थे।

उन्होंने कहा, ‘आजादी केवल अधिकार नहीं है, इसके साथ जिम्मेदारी भी आती है। लोकतंत्र केवल वोट डालने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें अपने कर्तव्यों का पालन करना, संविधान का सम्मान करना और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियां निभाना भी शामिल है।’

उन्होंने कहा, ‘हमने अतीत में कई बार आपसी संघर्ष के कारण अपनी स्वतंत्रता खोई है। कुछ लोगों ने हमेशा इसका फायदा उठाया। अपने संकीर्ण हितों के लिए उन्होंने बार-बार भारत के साथ विश्वासघात किया। ऐसे लोगों ने बिना हथियारों के केवल अपनी विचारधारा और कार्यों के जरिए भारत को बहुत नुकसान पहुंचाया है।’

सिंह ने कहा, ‘भारत एक स्वतंत्र राष्ट्र है। यह एक लोकतांत्रिक देश, संवैधानिक गणराज्य और कल्याणकारी राज्य है। हालांकि, हमें इन सभी आदर्शों को बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास करते रहना होगा।’

उन्होंने कहा, ‘यह हमारा कर्तव्य है कि हम अर्थव्यवस्था, ज्ञान और विज्ञान के क्षेत्र में भारत को दुनिया का नंबर एक देश बनाएं।’

लखनऊ से लोकसभा सांसद सिंह ने कहा कि पार्क में आने वाले बच्चे एक दिन अपने माता-पिता से लाला लाजपत राय के बारे में पूछ सकते हैं और इस तरह वे महान स्वतंत्रता सेनानी के जीवन के बारे में जान सकेंगे।

उन्होंने कहा कि इसी तरह भगत सिंह की प्रतिमा युवाओं को भारत की आजादी के लिए उनके साहस और बलिदान के बारे में जानने के लिए प्रेरित करेगी।

सिंह ने कहा, “पार्क में दोनों नेताओं की मौजूदगी दो पीढ़ियों के बीच एक प्रतीकात्मक संवाद को दर्शाती है। एक ओर जहां एक पीढ़ी वर्षों के संघर्ष से मिले अनुभव, नेतृत्व और परिपक्वता का प्रतिनिधित्व करती है, वहीं दूसरी ओर दूसरी पीढ़ी भारत के युवाओं की ऊर्जा, साहस और निडरता को दर्शाती है।”

सिंह ने कहा कि राष्ट्र निर्माण के लिए अनुभव और युवा ऊर्जा का मेल समान रूप से महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि देश के विकास में हर पीढ़ी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

भाषा जफर मनीष संतोष जोहेब

जोहेब


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