विद्यार्थी नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनेंः उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन

विद्यार्थी नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनेंः उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन

विद्यार्थी नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनेंः उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन
Modified Date: April 21, 2026 / 09:12 pm IST
Published Date: April 21, 2026 9:12 pm IST

मेरठ, 21 अप्रैल (भाषा) उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने मंगलवार को आईआईएमटी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्हें नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि डिग्री प्राप्त करना जीवन का अंत नहीं बल्कि यह एक नई शुरुआत है।

समारोह में वर्ष 2024 और 2025 बैच के लगभग 3940 विद्यार्थियों को स्नातक एवं स्नातकोत्तर उपाधियां प्रदान की गईं।

एक बयान के मुताबिक, 203 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक और 29 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि दी गई।

उपराष्ट्रपति ने 17 मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक और स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया।

साथ ही, स्वामी कैलाशानंद गिरी, स्वामी चिदानंद सरस्वती और डॉ. हरी सिंह रावत को मानद डॉक्टरेट की उपाधि दी गई।

राधाकृष्णन ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों से शिक्षा को राष्ट्रसेवा का माध्यम बनाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा, “सभी विद्यार्थियों को नौकरी देने वाला बनने का लक्ष्य रखना चाहिए। सफलता के लिए कठिन परिश्रम और समर्पण जरूरी है।”

समारोह में उत्तर प्रदेश के मंत्री धर्मपाल सिंह ने भी शिक्षा और परिश्रम पर बल दिया।

विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. दीपा शर्मा ने संस्थान की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें नवाचार और गूगल से किए गए करार को प्रमुख उपलब्धियां बताया गया।

भाषा सं. सलीम जितेंद्र

जितेंद्र


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