लोकतंत्र के मंदिर की मर्यादा कम करने की इजाजत नहीं दी जा सकती…

लोकतंत्र के मंदिर की मर्यादा कम करने की इजाजत नहीं दी जा सकती: धनखड़

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  • Publish Date - March 11, 2023 / 08:09 PM IST,
    Updated On - March 11, 2023 / 08:37 PM IST

Warrant issued against 6 people including BJP MLA

मेरठ । उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने शनिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर संसद में विपक्ष के माइक बंद करने संबंधी टिप्पणी को लेकर निशाना साधते हुए कहा कि एक आख्यान बनाने के लिए इससे बड़ा झूठ नहीं हो सकता। धनखड़ ने कहा कि आपातकाल के ‘‘काले अध्याय’’ के दौरान ऐसा किया गया था, लेकिन अब यह संभव नहीं है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि लोकतंत्र के मंदिर की मर्यादा को कम करने की इजाजत नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि ‘कुछ लोग’ अपनी अदूरदर्शिता के कारण देश की उपलब्धियों को कमतर करने की कोशिश कर रहे हैं। राज्यसभा के सभापति धनखड़ ने यहां चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘लोकतांत्रिक मूल्य महत्वपूर्ण हैं और हम लोकतंत्र के मंदिर की मर्यादा को कम नहीं होने दे सकते क्योंकि हम लोकतंत्र की जननी हैं।’’ गांधी की माइक संबंधी टिप्पणी पर, उपराष्ट्रपति धनखड़ ने उनका नाम लिए बिना कहा, ‘‘इससे बड़ा झूठ नहीं हो सकता है जब कोई यह कहकर एक आख्यान बनाने की कोशिश करता है कि सबसे बड़ी पंचायत, संसद में, माइक बंद कर दिए जाते हैं।’’

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उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ में आयुर्वेद महाकुंभ में कहा, ‘‘अदूरदर्शिता के कारण, कुछ लोग अपनी आवाज पर नियंत्रण नहीं रखते और इस महान देश की बड़ी उपलब्धियों को कमतर करने के लिए कुछ भी कहते हैं।’’ कांग्रेस नेता गांधी ने सोमवार को लंदन में हाउस ऑफ कॉमन्स के ग्रैंड कमेटी रूम में विपक्षी दल लेबर पार्टी के भारतीय मूल के सांसद वीरेंद्र शर्मा द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान यह टिप्पणी की थी। धनखड़ ने कहा कि यह उनका संवैधानिक कर्तव्य था कि ‘‘दुनिया को बताएं कि भारत की संसद में माइक बंद नहीं किये जाते हैं। एक समय था जब यह किया गया था और वह एक काला अध्याय था जिसे हम आपातकाल कहते हैं, लेकिन यह अब संभव नहीं है।’’ उपराष्ट्रपति ने यह भी कहा कि यह देखना ‘दुखद’ है कि कुछ लोग कहते हैं कि ‘‘देश में क्या हो रहा है।’’ उन्होंने कहा कि कौन सा अन्य देश यह दावा कर सकता है कि उनकी न्यायपालिका बिजली की गति से काम करती है, लेकिन ‘‘हमारा उच्चतम न्यायालय इस तरह काम करता है।’’

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धनखड़ ने कहा, ‘‘हम दुनिया के सबसे कार्यात्मक लोकतंत्र हैं, कोई अन्य देश ऐसा दावा नहीं कर सकता है कि उनके पास पंचायत (जमीनी स्तर) से लेकर राज्य और केंद्र तक लोकतंत्र है। राय हो सकती हैं लेकिन यह (भारत का लोकतंत्र) जीवंत और कार्यात्मक है।’’ गांधी ने ब्रिटेन की अपनी यात्रा के दौरान यह भी आरोप लगाया था कि मीडिया, संस्थागत ढांचे, न्यायपालिका, संसद सभी पर हमले हो रहे हैं।धनखड़ ने बृहस्पतिवार को एक किताब के विमोचन के दौरान भी गांधी पर माइक वाली उनकी टिप्पणी को लेकर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था, धनखड़ ने कहा, ‘‘यह कितना अजीब है, यह कितना दुखद है कि दुनिया हमारी ऐतिहासिक उपलब्धियों और जीवंत लोकतंत्र को स्वीकार कर रही है तो हममें से कुछ, जिनमें सांसद भी शामिल हैं, समृद्ध लोकतांत्रिक मूल्यों का क्षरण करने में लगे हैं।’’ गांधी की टिप्पणी की आलोचना के लिए कांग्रेस ने धनखड़ पर पलटवार करते हुए कहा था कि राज्यसभा के सभापति एक ‘अंपायर’ हैं और सत्तापक्ष के लिए ‘चीयरलीडर’ नहीं हो सकते।

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धनखड़ ने शनिवार के कार्यक्रम में लोकतांत्रिक मूल्यों पर जोर देते हुए कहा कि संसद और राज्य विधानसभाओं में विधायकों का व्यवहार ‘अनुकरणीय’ होना चाहिए क्योंकि ये ‘बहस, संवाद, चर्चा, विचार-विमर्श के स्थान हैं न कि व्यवधान और अशांति के।’’ उपराष्ट्रपति ने यह भी कहा कि ‘संविधान निर्माताओं ने तीन साल तक विवादास्पद और विभाजनकारी मुद्दों पर विचार-विमर्श किया और चर्चा की, लेकिन (एक भी) सदस्य अध्यक्ष के आसन के समीप नहीं आया, तख्तियां नहीं दिखाईं या नारे नहीं लगाए, (लेकिन) आज इसका ठीक उल्टा क्यों है।’’ उन्होंने हाल ही में संपन्न ‘ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट’ के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए कहा, ‘‘भारत आज एक वैश्विक आख्यान स्थापित कर रहा है, अपने राज्य में निवेश शिखर सम्मेलन और उसके आयामों को देखें।’’ धनखड़ ने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दृष्टि की वजह से भारत ने बड़ी छलांग लगाई है।’’ उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश भारतीय लोकतंत्र की रीढ़ है। उन्होंने युवाओं से कहा, ‘‘यह हमारा सौभाग्य है कि हम भारत के ‘अमृत काल’ में हैं, युवा 2047 के योद्धा हैं, आप तय करेंगे कि 2047 में भारत कैसा होगा।’’ उपराष्ट्रपति ने कहा, ‘‘आप इस महान देश से संबंधित कुछ मुद्दों पर चुप नहीं रह सकते।’’

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