कार्यालय आदेश को लेकर उठे विवाद के बाद बीएसएनल के दो वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला

कार्यालय आदेश को लेकर उठे विवाद के बाद बीएसएनल के दो वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला

कार्यालय आदेश को लेकर उठे विवाद के बाद बीएसएनल के दो वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला
Modified Date: February 25, 2026 / 05:59 pm IST
Published Date: February 25, 2026 5:59 pm IST

लखनऊ, 25 फरवरी (भाषा) एक चर्चित कार्यालय आदेश के सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के चलते भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनल) बोर्ड के निदेशक विवेक बंजल के प्रयागराज दौरे को निरस्त किए जाने के बाद दो वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले की खबर है।

सूत्रों के मुताबिक कम से कम दो वरिष्ठ अधिकारियों को तबादला आदेश मिले हैं। हालांकि सूत्रों ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि इन विभागीय तबादलों को अदालत में चुनौती दी जा सकती है।

सूत्रों के अनुसार जिन दो अधिकारियों का तबादला किया गया है उनमें जोगेश्वर वर्मा और बृजेंद्र कुमार सिंह हैं जो प्रयागराज में तैनात थे। बृजेन्द्र को आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम में स्थानांतरित किया गया है, जबकि जोगेश्वर को राष्ट्रीय दूरसंचार क्षेत्र में स्थानांतरित किए जाने की संभावना है।

आर्थिक तौर पर कठिन हालात से गुजर रहे सार्वजनिक उपक्रम बीएसएनल के इन अधिकारियों को संभवतः उस कार्यालय आदेश के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है जिसके सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बंजल की 25 फरवरी से प्रयागराज की दो दिवसीय यात्रा रद्द हो गयी थी।

बीएसएनएल की वेबसाइट के अनुसार, बंजल 1987 बैच के भारतीय दूरसंचार सेवा के अधिकारी हैं और उन्हें इस क्षेत्र का 34 वर्षों से अधिक का अनुभव है।

बीएसएनएल के एक सूत्र ने बताया कि कि जोगेश्वर ने विवादित कार्यालय आदेश पर हस्ताक्षर किये थे जिसमें बंजल की यात्रा के लिए लगभग 20 कार्य सौंपे गए थे। इनमें लगभग 50 अधिकारियों को संगम में पवित्र डुबकी लगवाने का काम भी शामिल था।

विस्तृत आदेश में छह पुरुषों और दो महिलाओं के लिए ‘स्नान किट’ का विवरण दिया गया था। साथ ही कार्यालय आदेश में घाट पर सामान्य उपयोग के लिए एक चादर और सूखे मेवे और फलों के कटोरे, बंजल के उपयोग के लिए होटल और सर्किट हाउस में शेविंग किट, तौलिया, अंत:वस्त्र, टूथपेस्ट, ब्रश, साबुन, शैम्पू, कंघी और तेल की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिये गये थे।

बीएसएनएल के एक सूत्र ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “मुद्दा यह है कि जिन अधिकारियों को चूक का जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, अगर उन्होंने अपनी मर्जी से वह काम किया है तो वह निश्चित रूप से जिम्मेदार हैं, लेकिन अगर उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर ऐसा किया तो इसका जिम्मेदार कौन है? ऐसा संभव है, इसलिए इन अधिकारियों के स्थानांतरण आदेश को अदालत में चुनौती दिए जाने की संभावना अधिक है।”

बीएसएनल इंडिया ने 21 फरवरी को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “बीएसएनल के पास वरिष्ठ अधिकारियों की यात्रा के सिलसिले में स्पष्ट दिशानिर्देश मौजूद हैं। इनका पालन न करने का एक मामला सामने आया है। यह मामला बीएसएनल के पेशेवर मानकों और मूल्यों के अनुरूप नहीं है।’

पोस्ट में कहा गया, “संबंधित लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की गई है। इसके अलावा, मौजूदा दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। बीएसएनल कर्मचारियों को याद दिलाया जाता है कि वे इस बारे में तय आचरण, नियमों और निर्देशों का सख्ती से पालन करें।”

भाषा मनीष सलीम राजकुमार

राजकुमार


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