बलिया, 16 अप्रैल (भाषा) उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में दुष्कर्म पीड़िता से मोबाइल फोन पर बातचीत के दौरान अभद्र और अश्लील भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप में निलंबित किये गये अपराध शाखा के एक निरीक्षक और उभांव थाना प्रभारी समेत तीन लोगों के खिलाफ पुलिस महानिदेशक के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
पुलिस उपाधीक्षक आलोक गुप्ता ने बताया कि पुलिस महानिदेशक के आदेश के अनुपालन में 33 वर्षीय पीड़िता की शिकायत पर बुधवार रात को उभांव थाना प्रभारी निरीक्षक संजय शुक्ला, जिला मुख्यालय स्थित पुलिस कार्यालय की अपराध शाखा में तैनात निरीक्षक नरेश मलिक और वन विभाग के दरोगा उग्रसेन कुमार जायसवाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, दो दिन पहले सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल हुआ था, जिसमें कथित रूप से मलिक दुष्कर्म पीड़िता से मोबाइल फोन पर बातचीत में अभद्र और अश्लील भाषा का प्रयोग करते हुए सुनाई दे रहे थे।
पुलिस ने बताया कि उभांव थाने में 20 फरवरी को एक महिला की शिकायत पर उग्रसेन कुमार जायसवाल के खिलाफ दुष्कर्म और धोखाधड़ी के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस के मुताबिक, पीड़िता ने शिकायत में आरोप लगाया था कि उग्रसेन ने शादी का झांसा देकर उससे छह माह तक दुष्कर्म किया और अब शादी करने से इनकार करते हुए उसे जान से मारने की धमकी दे रहा है।
पीड़िता ने पुलिस उपमहानिरीक्षक को भेजे गये शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि दर्ज प्राथमिकी में आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल करने की आड़ लेकर उभांव थाना प्रभारी संजय शुक्ला और तत्कालीन अपराध निरीक्षक नरेश मलिक ने उसे फोन कर अभद्र व अश्लील भाषा का प्रयोग करते हुए अकेले में मिलने के लिए बुलाया।
पीड़िता का आरोप है कि मलिक ने बातचीत के दौरान उसे अपनी मांग पूरी होने पर धन देने की भी पेशकश की।
पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने बताया कि सोमवार को मामला संज्ञान में आने पर उन्होंने निरीक्षक नरेश मलिक और संजय शुक्ला को मंगलवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया तथा मामले की जांच के आदेश दिये।
सिंह ने बताया कि उत्तरी क्षेत्र के अपर पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार शुक्ला को मामले की जांच सौंपी गई है और रिपोर्ट मिलने के बाद दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
भाषा सं. सलीम शोभना जितेंद्र
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