स्‍वास्‍थ्‍य के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश सबसे बड़ा ‘उपभोक्ता बाजार’ है : योगी आदित्यनाथ

स्‍वास्‍थ्‍य के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश सबसे बड़ा ‘उपभोक्ता बाजार’ है : योगी आदित्यनाथ

स्‍वास्‍थ्‍य के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश सबसे बड़ा ‘उपभोक्ता बाजार’ है : योगी आदित्यनाथ
Modified Date: January 18, 2026 / 12:17 pm IST
Published Date: January 18, 2026 12:17 pm IST

लखनऊ, 18 जनवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने रविवार को कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र का सबसे बड़ा ‘उपभोक्ता बाजार’ उत्तर प्रदेश है।

चिकित्सा प्रौद्योगिकी एवं स्वास्थ्य देखभाल पारिस्थितिकी तंत्र में निवेश, नवाचार और वैश्विक सहयोग के लिए यहां आयोजित तीन दिवसीय ‘यूपी हेल्थ टेक कॉन्क्लेव’ की शुरुआत करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘हमारे लिए यह सम्मेलन इसलिए महत्वपूर्ण है कि इस क्षेत्र का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार उत्तर प्रदेश है।’’

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की आबादी 25 करोड़ है और उसके साथ ही अगल-बगल के राज्य तथा पड़ोसी देश नेपाल की भी स्वास्थ्य सुविधाओं का भार इस प्रदेश पर पड़ता है।

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उन्होंने 2014 में देश में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने और 2017 में उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए बदलावों का दावा करते हुए कहा कि इस राज्य ने भारत सरकार के साथ मिलकर पिछले आठ-नौ वर्षों के अंदर स्‍वास्‍थ्‍य क्षेत्र में परिवर्तन करने में व्यापक सफलता प्राप्त की है। स्‍वास्‍थ्‍य क्षेत्र में आधारभूत ढांचे को बेहतर करने का प्रयास किया है।

योगी आदित्‍यनाथ ने कहा, ‘‘2017 से पहले उत्तर प्रदेश में सरकारी और निजी क्षेत्र को मिलाकर कुल 40 मेडिकल कालेज थे और आज उत्तर प्रदेश में 81 मेडिकल कालेज पूरी तरह क्रियाशील हैं, दो एम्‍स हैं, लगभग जिला स्‍तर के 100 से अधिक अस्पताल हैं, जो सरकार द्वारा संचालित होते हैं।’’

उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र (पीएचसी), सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र (सीएचसी) और ‘वेलनेस सेंटर’ की लंबी श्रृंखला है जो दूर दराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराती है।

मुख्‍यमंत्री ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में व्यापक परिवर्तन और सुविधा मजबूत होने के साथ ही अकेले उत्तर प्रदेश में साढ़े पांच करोड़ प्रधानमंत्री आयुष्मान गोल्डन कार्ड जारी किए गए और उनके लाभार्थियों को प्रति वर्ष पांच लाख रुपये की स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य में इस परिवर्तन का परिणाम है कि मृत्यु दर को नियंत्रित करने और संस्थागत प्रसव को राष्ट्रीय मानक के अनुरूप लाने में सफलता प्राप्त कर ली गयी है।

भाषा आनन्द

गोला

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