विहिप ने राम मंदिर ‘दान गबन’ मामले में मुकदमा दर्ज किये जाने का स्वागत किया
विहिप ने राम मंदिर 'दान गबन' मामले में मुकदमा दर्ज किये जाने का स्वागत किया
लखनऊ, 25 जून (भाषा) विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने अयोध्या में राम मंदिर में दिये गये दान और चढ़ावे में ‘गबन’ के मामले को लेकर बृहस्पतिवार को मुकदमा दर्ज किये जाने का स्वागत किया।
विहिप के अध्यक्ष आलोक कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”हम मुकदमा दर्ज किये जाने का स्वागत करते हैं। हम यह उम्मीद भी करते हैं कि इस मामले में जांच तेजी से होगी और दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिलेगी।”
कुमार ने मामले की तह तक जाने के लिए औपचारिक पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की थी।
उन्होंने कहा कि इस विवाद से हिंदुओं की भावनाएं आहत हुईं।
अयोध्या में शुक्रवार से विहिप का सम्मेलन होना था, जिसे ऐन वक्त पर रद्द कर दिया गया, और माना जा रहा है कि राम मंदिर दान और चढ़ावे में गबन के आरोपों को लेकर उठे विवाद के मद्देनजर ऐसा किया गया है।
इस बारे में पूछे जाने पर कुमार ने ज्यादा कुछ नहीं बताते हुए बस इतना कहा, ”हमने कुछ जरूरी वजहों से कार्यक्रम रद्द करने का फैसला किया है।”
कुमार ने कहा, ”मैं इस बात से संतुष्ट हूं कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को जैसे ही विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट में आरोपियों के नाम पता चले, उसने मुकदमा दर्ज कराने में जरा भी देर नहीं की।”
मुकदमे में सिर्फ मामूली आरोपियों के ही नाम होने के आरोपों के बारे में कुमार ने कहा कि पुलिस जांच का दायरा सिर्फ प्राथमिकी में बताए गए नामों तक सीमित नहीं होता।
उन्होंने कहा, ”जांच के दौरान अगर दूसरों की भूमिका सामने आती है तो पुलिस जांच का दायरा बढ़ाने और उनसे भी पूछताछ करने के लिए आजाद है, बल्कि ऐसा करना उसका फर्ज है।”
अयोध्या में विहिप का सम्मेलन भले ही रद्द कर दिया गया हो लेकिन संगठन के कुछ नेताओं ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कुछ अधिकारियों के साथ बैठक की।
कुमार ने माना कि उन्हें अयोध्या में विहिप के नेताओं की मौजूदगी के बारे में पता था लेकिन उन्होंने बैठक की जानकारी होने से इनकार किया।
राम मंदिर में दान की रकम के गबन से जुड़े आरोपों को लेकर बृहस्पतिवार को अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि थाने में आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी। दो दिन पहले ही मामले की जांच कर रही एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंपी थी।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने रमाशंकर यादव, अनुकल्प मिश्र, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, लवकुश मिश्र, रमाशंकर मिश्र, सुभाष श्रीवास्तव तथा मनीष कुमार यादव नामक व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
पुलिस के अनुसार चोरी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक षड़यंत्र समेत विभिन्न आरोपों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
भाषा सलीम जोहेब
जोहेब

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