पश्चिम बंगाल का जनादेश भयमुक्त, राष्ट्रवादी एवं विकासोन्मुखी जनभावनाओं का परिचायक: अभाविप

पश्चिम बंगाल का जनादेश भयमुक्त, राष्ट्रवादी एवं विकासोन्मुखी जनभावनाओं का परिचायक: अभाविप

पश्चिम बंगाल का जनादेश भयमुक्त, राष्ट्रवादी एवं विकासोन्मुखी जनभावनाओं का परिचायक: अभाविप
Modified Date: May 4, 2026 / 08:54 pm IST
Published Date: May 4, 2026 8:54 pm IST

लखनऊ, चार मई (भाषा) अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी के विधानसभा चुनाव परिणामों का स्वागत करते हुए कहा कि यह जनादेश भयमुक्त, विकासोन्मुख और राष्ट्रवादी जनभावनाओं का परिचायक है।

अभाविप ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि चुनाव परिणाम देश की लोकतांत्रिक चेतना की परिपक्वता का सशक्त प्रमाण है।

व्यापक जनभागीदारी और युवाओं की सक्रिय उपस्थिति दर्शाती है कि भारत का मतदाता अधिक सजग, जिम्मेदार और राष्ट्र हित के प्रति प्रतिबद्ध है।

परिषद ने कहा कि पश्चिम बंगाल में प्राप्त जनादेश ऐतिहासिक परिवर्तन का संकेत है। यह केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि भयमुक्त, विकासोन्मुख और राष्ट्रवादी शासन व्यवस्था की स्थापना का स्पष्ट संदेश है।

बयान में कहा गया कि प्रदेश में लंबे समय से व्याप्त राजनीतिक हिंसा, अराजकता, सांठगांठ की संस्कृति, शिक्षा में गिरावट, महिला असुरक्षा, बांग्लादेशी घुसपैठ और रोजगार के सीमित अवसरों के खिलाफ जो जनभावना थी, वह परिणामों में साफ दिखी है।

अभाविप ने दावा किया कि उसने पश्चिम बंगाल में शिक्षा, नारी सुरक्षा, छात्र अधिकार, रोजगार और अवैध घुसपैठ जैसे मुद्दों पर लगातार संघर्ष किया है। आज का जनादेश उन प्रयासों को नई ऊर्जा देता है।

परिषद ने कहा कि असम में मिला जनादेश स्थिरता और विकास के पक्ष में जनता का विश्वास दिखाता है। वहीं तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में लोकतांत्रिक प्रक्रिया में व्यापक भागीदारी यह संकेत देती है कि देशभर में जनचेतना सशक्त हो रही है।

इन परिणामों से स्पष्ट है कि जनता हिंसा, अराजकता और वैचारिक अतिरेकों को स्वीकार नहीं कर रही। समाज शांति, विकास, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकता को प्राथमिकता दे रहा है।

अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा, “पश्चिम बंगाल में आया यह जनादेश एक नए सूर्योदय का प्रतीक है। यह केवल राजनीतिक परिवर्तन नहीं, बल्कि समाज में जागृत राष्ट्रीय चेतना का परिणाम है। हमें विश्वास है कि प्रदेश में शिक्षा, सुरक्षा, रोजगार और सुशासन के क्षेत्र में ठोस बदलाव दिखेंगे।”

उन्होंने कहा, ‘‘अभाविप इस जनादेश का स्वागत करती है और आशा करती है कि नई शासन व्यवस्था प्रदेश को हिंसा और भय से मुक्त कर विकास, पारदर्शिता और राष्ट्रीय मूल्यों पर आधारित एक सशक्त दिशा प्रदान करेगी।’’

भाषा आनन्द

संतोष

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