Ram Mandir Donation News: राम मंदिर चढ़ावा विवाद में नया मोड़, ट्रस्ट सदस्य ने मंदिर के सहायक प्रशासक पर फोड़ा ठीकरा, बोले- ‘पूरी गलती गोपाल राव की’

Ram Mandir Donation News: राम मंदिर चढ़ावा विवाद में नया मोड़, ट्रस्ट सदस्य ने मंदिर के सहायक प्रशासक पर फोड़ा ठीकरा, बोले- 'पूरी गलती गोपाल राव की'

Ram Mandir Donation News: राम मंदिर चढ़ावा विवाद में नया मोड़, ट्रस्ट सदस्य ने मंदिर के सहायक प्रशासक पर फोड़ा ठीकरा, बोले- ‘पूरी गलती गोपाल राव की’

Ram Mandir Donation News | Photo Creadit: ANI

Modified Date: July 2, 2026 / 02:33 pm IST
Published Date: July 2, 2026 2:32 pm IST
HIGHLIGHTS
  • महंत दीनेंद्र दास का बयान
  • गोपाल राव को जिम्मेदार ठहराया
  • बोले- 'पूरी गलती गोपाल राव की'

अयोध्या: Ram Mandir Donation News उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे (Ram Mandir Donation) को लेकर लगातार विवाद बढ़ता ही जा रहा है। चढ़ावा चोरी की कड़ियों को जोड़ने में जुटी एसआईटी को इस पूरे वित्तीय प्रकरण की जांच पूरी करने के लिए सरकार की तरफ से 15 दिन का समय दिया गया है। जांच के बीच एक नया मोड आया है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य दीनेंद्र दास महाराज ने इस मामले में चुप्पी तोड़ी है। उन्होंन कहा ​है कि उन्होंने मंदिर के सहायक प्रशासक गोपाल राव को इस विवाद के लिए जिम्मेदार ठहराया है।

राम की परंपरा नहीं मानते गोपाल राव

Ram Mandir Donation Controversy महंत दिनेंद्र दास ने कहा कि उत्तर प्रदेश के ट्रस्टी भगवान राम की परंपराओं का पालन करते हैं, जबकि गोपाल राव ऐसा नहीं करते। उनके अनुसार गोपाल राव अनावश्यक रूप से मामलों को उलझाते हैं। उत्तर प्रदेश में हमारे ट्रस्टी राम की परंपरा मान रहे हैं। गोपाल राव राम की परंपरा भी नहीं मानते। पूरी गलती गोपाल की ही है। वे राजनीति कर रहे हैं।

नौकरी में भी रिश्वतखोरी!

वहीं दूसरी ओर मंदिर में हुई नियुक्ति की प्रक्रिया भी जांच के दायरे में आ चुकी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, दावा किया जा रहा है कि राम मंदिर में नौकरी दिलाने के नाम पर रिश्वत ली गई थी। अब पुलिस ने इन आरोप की पड़ताल में जुट गई है और बयान के आधार पर मामले की जांच कर रही है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपी अविनाश शुक्ला से पूछताछ की गई है। जिसमें पुलिस का कुछ इनपुट मिले हैं। जिससे इस मामले में नया मोड आ गया है। बताया जा रहा है कि पूछताछ में एक ट्रस्ट सदस्य का नाम बार-बार सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने उस भूमिका की भी जांच शुरू कर दी है। इसी क्रम में अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या मंदिर में नियुक्तियों के दौरान किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता हुई थी या नहीं।

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