आत्मघाती हमले के बाद अफगानिस्तान छोड़ने पर विचार कर रहे सिख

आत्मघाती हमले के बाद अफगानिस्तान छोड़ने पर विचार कर रहे सिख

आत्मघाती हमले के बाद अफगानिस्तान छोड़ने पर विचार कर रहे सिख
Modified Date: November 29, 2022 / 07:45 pm IST
Published Date: July 3, 2018 6:01 am IST

काबुल। अफगानिस्तान के नंगरहार में रविवार को हिंदू-सिख समुदाय पर आत्मघाती हमले में 20 लोगों के मारे जाने के बाद अफगानिस्तान में रहन वाला सिख समुदाय अब चिंता में है। उनका कहना है कि वे अब अफगानिस्तान में नहीं रह सकते। वे अब भारत जाने पर विचार कर रहे हैं। इस आत्मघाती हमले में अक्टूबर में होने वाले आम चुनावों के इकलौते सिख उम्मीदवार अवतार सिंह खालसा और एक प्रमुख सामुदायिक कार्यकर्ता रावेल सिंह भी मारे गए।

अफगानिस्तान में नेशनल पैनल ऑफ हिंदू एंड सिखके सचिव तेजवीर सिंह ने कहा, ‘यह साफ है कि अब हम यहां नहीं रह सकते। इस्लामी आतंकवादी हमारी धार्मिक मान्यताओं को सहन नहीं करेंगे। हम अफगानी हैं, भले ही सरकार हमें मान्यता देती है, लेकिन आतंकवादी हमें निशाना बनाते हैं क्योंकि हम मुस्लिम नहीं हैं।तेजवीर ने बताया कि अफगानिस्तान में अब सिख परिवार 300 से भी कम रह गए हैं। सिखों के देश में सिर्फ दो ही गुरुद्वारे हैं। एक जलालाबाद में तो दूसरा राजधानी काबुल में।

यह भी पढ़ें : अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती के बेटे पर लगा दुष्कर्म का आरोप

बता दें कि 1990 में से पहले अफगानिस्तान में करीब 2.5 लाख हिंदू और सिख रह रहे थे। एक दशक पहले तक अमेरिकी विदेश विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक वहां लगभग 3000 हिंदू और सिख रह रहे थे। उन्हें धार्मिक आजादी थी, राजनीतिक प्रतिनिधित्व भी हासिल था लेकिन इसके बाद भी इस्लामी आतंकी संगठनों की ओर से उन्हें पूर्वाग्रह, उत्पीड़न और हिंसा ही मिली। इसलिए समुदाय के हजारों लोग भारत पलायन कर गए।

जलालाबाद के दुकानदार बल्देव सिंह कहते हैं, ‘हमारे पास दो विकल्प हैं, या तो भारत चले जाएं या इस्लाम अपना लें’। हालांकि, कुछ सिखों का अफगानिस्तान छोड़ने का कोई इरादा नहीं है। इसी तरह काबुल में दुकान चलाने वाले संदीप सिंह ने कहा, ‘हम कायर नहीं हैं। अफगानिस्तान हमारा देश है और हम कहीं नहीं जा रहे हैं’। रविवार को हुए आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट‘ (आईएस) ने ली है।

 

वेब डेस्क, IBC24


लेखक के बारे में