पश्चिम एशिया में युद्ध तेज होने के साथ ही ईरान समर्थित हूतियों ने इजराइल पर पहला मिसाइल हमला किया

पश्चिम एशिया में युद्ध तेज होने के साथ ही ईरान समर्थित हूतियों ने इजराइल पर पहला मिसाइल हमला किया

पश्चिम एशिया में युद्ध तेज होने के साथ ही ईरान समर्थित हूतियों ने इजराइल पर पहला मिसाइल हमला किया
Modified Date: March 28, 2026 / 09:32 pm IST
Published Date: March 28, 2026 9:32 pm IST

दुबई, 28 मार्च (एपी) ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने शनिवार तड़के इजराइल की ओर मिसाइल दागने का दावा किया, जो पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद उनका पहला हमला था। इज़राइली सेना ने कहा कि उसने इस प्रक्षेपास्त्र को बीच हवा में ही नष्ट कर दिया।

यह युद्ध उस वक्त भड़क गया, जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर एक महीने पहले हमला किया था, उसके जवाब में तेहरान ने इजराइल और खाड़ी के पड़ोसी अरब देशों पर जवाबी हमले किए।

इस संघर्ष ने वैश्विक हवाई यात्रा को प्रभावित किया है, तेल निर्यात में बाधा डाली है और ईंधन की कीमतों में भारी वृद्धि कर दी है। रणनीतिक रूप से अहम जलमार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की पकड़ ने आर्थिक प्रभाव को और बढ़ा दिया है।

शुक्रवार को तेहरान के खिलाफ अपने अभियान को ‘‘और तेज करने व उसका विस्तार करने’’ की चेतावनी देने के कुछ ही घंटों बाद इजराइल ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला किया। ईरान ने जवाबी कार्रवाई का संकल्प लिया और सऊदी अरब में एक सैन्य अड्डे पर हमला किया, जिसमें एक दर्जन से अधिक अमेरिकी सैनिक घायल हो गए और विमानों को नुकसान पहुंचा।

शनिवार के हमले से पहले स्थिति में कुछ सुधार के संकेत मिले थे, जब तेहरान ने जलडमरूमध्य से मानवीय सहायता और कृषि आपूर्ति को गुजरने की अनुमति देने पर सहमति जताई थी।

शनिवार को भी इजराइल के हवाई हमले जारी रहे। ‘एसोसिएटेड प्रेस’ के वीडियो में तेहरान के उत्तर-पूर्वी हिस्से से धुआं उठता दिखाई दिया। ईरान ने इज़राइल की ओर मिसाइलें दागीं, जिनकी गूंज यरुशलम में सुनी गई।

हूती की भागीदारी से युद्ध और जटिल हो सकता है। हूती ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने उनके अल-मसीरा सैटेलाइट चैनल पर कहा कि उन्होंने दक्षिणी इजराइल में ‘‘संवेदनशील सैन्य ठिकानों’’ पर बैलिस्टिक मिसाइलों की बौछार की।

यह हमला उस बयान के कुछ घंटों बाद हुआ, जिसमें उन्होंने संकेत दिया था कि विद्रोही युद्ध में शामिल हो सकते हैं।

इजराइल के दक्षिणी शहर बेयर शेबा और मुख्य परमाणु अनुसंधान केंद्र के पास सायरन बज उठे, क्योंकि ईरान और हिजबुल्ला ने रातभर हमले किए।

तेल अवीव में कई धमाके हुए, जहां अग्निशमन एवं बचाव सेवा ने 11 स्थानों पर हमलों का जवाब दिया।

शनिवार का हमला इस पर सवाल खड़ा करता है कि क्या हूती फिर से लाल सागर मार्ग में वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाएंगे, जैसा उन्होंने इजराइल-हमास युद्ध के दौरान किया था। युद्ध से पहले हर साल लगभग एक हजार अरब डॉलर का सामान लाल सागर से गुजरता था। विद्रोहियों ने इज़राइल पर ड्रोन हमले भी किए।

हूती के इस संघर्ष में शामिल होने से अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड की तैनाती भी जटिल हो सकती है, जो मरम्मत के लिए क्रीट गया था और फिर क्रोएशिया के स्प्लिट पहुंचा। इस पोत को लाल सागर भेजने पर यह पहले की तरह हमलों का निशाना बन सकता है, जैसा 2024 में यूएसएस ड्वाइट डी. आइजनहावर और 2025 में यूएसएस हैरी एस. ट्रूमैन के साथ हुआ था।

हूतियों ने 2014 से यमन की राजधानी सना पर कब्जा कर रखा है। सऊदी अरब ने 2015 में यमन की निर्वासित सरकार के समर्थन में उनके खिलाफ युद्ध शुरू किया था, और अब तक सऊदी अरब के साथ अस्थिर युद्धविराम के कारण वे हालिया संघर्ष से दूर रहे थे।

अमेरिकी सैनिकों के हताहत होने की खबर भी सामने आई है। समाचार एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, पिछले एक सप्ताह में सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर ईरानी हमलों में दो दर्जन से अधिक अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं।

सूत्रों के मुताबिक, ईरान ने शुक्रवार को इस अड्डे पर छह बैलिस्टिक मिसाइलें और 29 ड्रोन दागे, जिससे कम से कम 15 सैनिक घायल हुए, जिनमें पांच की हालत गंभीर बताई गई है।

ताजा हमले उस समय हुए जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि युद्ध समाप्त करने के लिए बातचीत ‘‘बहुत अच्छी तरह’’ चल रही है। उन्होंने कहा कि उन्होंने तेहरान को होर्मुज़ जलडमरूमध्य फिर से खोलने के लिए छह अप्रैल तक का समय दिया है। वहीं, ईरान का कहना है कि उसने किसी भी प्रकार की बातचीत में हिस्सा नहीं लिया है।

युद्ध के आर्थिक प्रभाव पश्चिम एशिया से कहीं आगे तक फैलने के कारण ट्रंप पर इस जलडमरूमध्य पर ईरान की पकड़ खत्म कराने का दबाव बढ़ता जा रहा है।

पाकिस्तान ने शनिवार को कहा कि सऊदी अरब, तुर्किये और मिस्र अपने शीर्ष राजनयिकों को इस्लामाबाद भेजेंगे, जहां युद्ध समाप्त करने के उद्देश्य से वार्ता होगी।

पाकिस्तान के विदेश मंत्री इस्हाक डार ने एक बयान में कहा कि सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान, तुर्किये के विदेश मंत्री हाकान फिदान और मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलत्ती रविवार को दो-दिवसीय यात्रा पर आएंगे, जहां वे ‘‘क्षेत्र में तनाव कम करने के प्रयासों सहित विभिन्न मुद्दों पर गहन चर्चा’’ करेंगे।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शनिवार को कहा कि उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के साथ क्षेत्रीय संघर्ष और युद्ध समाप्त करने के प्रयासों पर ‘‘विस्तृत चर्चा’’ की।

इसी बीच, शनिवार को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अपने तुर्किये के समकक्ष से फोन पर बातचीत में कहा कि ईरान हालिया कूटनीतिक प्रयासों को लेकर संशय में है। ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, अराघची ने अमेरिका पर ‘‘अवास्तविक मांगें’’ रखने और ‘‘विरोधाभासी रवैया’’ अपनाने का आरोप लगाया, जिससे किसी समझौते की संभावना पर संदेह पैदा होता है।

वहीं, अमेरिकी जहाज लगभग 2,500 मरीन सैनिकों को लेकर क्षेत्र के करीब पहुंच गए हैं और 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के कम से कम 1,000 पैराट्रूपर्स को भी पश्चिम एशिया भेजने का आदेश दिया गया है। ये पैराट्रूपर्स दुश्मन के क्षेत्र में उतरकर महत्वपूर्ण ठिकानों और हवाई अड्डों को सुरक्षित करने के लिए प्रशिक्षित हैं।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि अमेरिका ‘‘जमीनी सैनिकों के बिना ही अपने सभी उद्देश्यों को हासिल कर सकता है।’’

एपी गोला सुरेश

सुरेश


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