बाइडन ने म्यांमा के सैन्य नेताओं के खिलाफ प्रतिबंध की घोषणा की

बाइडन ने म्यांमा के सैन्य नेताओं के खिलाफ प्रतिबंध की घोषणा की

बाइडन ने म्यांमा के सैन्य नेताओं के खिलाफ प्रतिबंध की घोषणा की
Modified Date: November 29, 2022 / 08:38 pm IST
Published Date: February 11, 2021 10:54 am IST

( ललित के झा )

वाशिंगटन, 11 फरवरी (भाषा) अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने म्यांमा में तख्तापलट के मद्देनजर सैन्य नेताओं पर कई प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है।

म्यांमा में एक फरवरी को हुए तख्तापलट के विरोध में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं जबकि लोगों के बड़ी संख्या में लोगों के एकजुट होने पर प्रतिबंध है और रात्रिकालीन कर्फ्यू लगाया गया है।

बाइडन ने व्हाइट हाउस में बुधवार को पत्रकारों से कहा, ‘‘आज मैं कई कार्रवाइयों की घोषणा कर रहा हूं और तख्तापलट के लिए जिम्मेदार नेताओं पर प्रतिबंध लगाकर इसकी शुरुआत कर रहा हूं। बर्मा सरकार को अमेरिका से मदद के रूप में मिले एक अरब डॉलर के कोष तक वहां के जनरलों की अनुचित तरीके से पहुंच रोकने के लिए अमेरिका सरकार यह कदम उठा रही है।’’

म्यांमा में हालात पर अपने पहले सार्वजनिक संबोधन में बाइडन ने अपील की कि म्यांमा की सेना को आठ नवंबर को हुए चुनाव में देश के लोगों की इच्छा का सम्मान करना चाहिए।

बाइडन ने कहा कि उन्होंने एक नए शासकीय आदेश को मंजूरी दी है जो तख्तापलट का निर्देश देने वाले सैन्य नेताओं, उनके कारोबारी हितों और उनके परिवार के सदस्यों पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाता है।

राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘हम निर्यात पर भी कड़ा नियंत्रण लगाने वाले हैं। ऐसी संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई की जा रही है जिनसे बर्मा की सरकार को लाभ होता था। हालांकि अस्पताल, नागरिक संस्थाओं और ऐसे संस्थान जिनसे म्यांमा की जनता को सीधा लाभ पहुंचता है, उन्हें समर्थन जारी रखेंगे।’’

अमेरिका और पश्चिम के कई देशों के नेता म्यांमा के लिए उसका पुराना नाम इस्तेमाल करते हैं।

उन्होंने कहा कि अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ हिंसा अस्वीकार्य है। बाइडन ने कहा, ‘‘बर्मा के लोग अपनी आवाज उठा रहे हैं। दुनिया इसे देख रही है।’’

पिछले सप्ताह अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों को एकसाथ लाने में मदद की थी। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने बयान कड़ा बयान जारी कर म्यांमा में लोकतंत्र की बहाली का समर्थन किया था। इस सप्ताह बाइडन प्रशासन म्यांमा में मानवाधिकार के मुद्दों पर मानवाधिकार परिषद से बात करेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘आज एक बार फिर मैं बर्मा की सेना से आह्वान करता हूं कि वह आंग सान सू ची और विन मिंत समेत लोकतांत्रिक नेताओं को तत्काल रिहा करे।’’

बाइडन ने कहा कि अमेरिका में दोनों दलों की सरकारें म्यांमा में लोकतांत्रिक तरीके से सत्ता के हस्तांतरण को लेकर चिंतित रही हैं।

सीनेट के विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष सीनेटर बॉब मेनेंडेज ने बाइडन की इस घोषणा का स्वागत किया।

इस बीच प्रतिनिधि सभा में विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष सांसद ग्रेगरी मीक्स और एशिया, प्रशांत, मध्य एशिया एवं परमाणु अप्रसार पर उपसमिति के अध्यक्ष एमी बेरा ने म्यांमा की स्थिति पर बुधवार को बैठक की।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने पत्रकारों से कहा कि म्यांमा के सैन्य नेता यह जान लें कि अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्राइस ने कहा कि अमेरिका म्यांमा के लोगों के साथ खड़ा है और लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकार के समर्थन में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने, शांतिपूर्ण तरीके से एकजुट होने के उनके अधिकारों और अभिव्यक्ति की आजादी का समर्थन करता है।

भाषा सुरभि शाहिद

शाहिद


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