गुपचुप तरीके से यूक्रेन को परमाणु हथियार देने की योजना बना रहे ब्रिटेन और फ्रांस: रूसी एजेंसी

गुपचुप तरीके से यूक्रेन को परमाणु हथियार देने की योजना बना रहे ब्रिटेन और फ्रांस: रूसी एजेंसी

गुपचुप तरीके से यूक्रेन को परमाणु हथियार देने की योजना बना रहे ब्रिटेन और फ्रांस: रूसी एजेंसी
Modified Date: February 24, 2026 / 10:42 pm IST
Published Date: February 24, 2026 10:42 pm IST

(विनय शुक्ला)

मास्को, 24 फरवरी (भाषा) रूस की खुफिया एजेंसी ने मंगलवार को दावा किया कि ब्रिटेन और फ्रांस गुप्त रूप से यूक्रेन को परमाणु हथियार देने की योजना बना रहे हैं।

रूसी विदेश खुफिया सेवा (एसवीआर) ने मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट में यह दावा किया कि पूर्व सोवियत गणराज्य यूक्रेन के खिलाफ मॉस्को का सैन्य अभियान पांचवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है।

एजेंसी ने अपने दावों के समर्थन में कोई सबूत दिए बिना कहा, “ब्रिटेन और फ्रांस को यह एहसास है कि उनकी योजना अंतरराष्ट्रीय कानून, विशेष रूप से परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) का घोर उल्लंघन है और इससे वैश्विक परमाणु अप्रसार प्रणाली के नष्ट होने का खतरा है।”

रिपोर्ट के मुताबिक, “पश्चिमी देश कीव को परमाणु हथियार देकर ऐसा दिखाने का प्रयास कर रहे हैं कि जैसे यूक्रेन ने ही इसे विकसित किया हो।”

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए इस बात पर जोर दिया कि यूक्रेन के पास परमाणु हथियार नहीं होगा और यह संकट के समाधान की शर्तों में से एक है, क्योंकि मॉस्को बातचीत के जरिए लड़ाई को खत्म करने का प्रयास कर रहा है।

उन्होंने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा, “निस्संदेह, पेरिस और लंदन द्वारा कीव को परमाणु बम से लैस करने के इरादे की यह जानकारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह पूरे परमाणु अप्रसार व्यवस्था के लिए खतरे की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, खासकर यूरोप महाद्वीप में जारी सक्रिय शत्रुता के संदर्भ में।”

पेस्कोव ने कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने जून 2024 में विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के साथ एक बैठक में यूक्रेन समझौते की शर्तें रखी थीं। उन्होंने कहा, “हम बातचीत के दौरान इस जानकारी को निश्चित रूप से ध्यान में रखेंगे, क्योंकि यह संभावित रूप से बेहद खतरनाक जानकारी है।”

स्थानीय खबरों के अनुसार, अमेरिका की मध्यस्थता में शांति वार्ता का अगला दौर 27 फरवरी को जिनेवा में होने की उम्मीद है।

भाषा जितेंद्र दिलीप

दिलीप


लेखक के बारे में