भ्रष्टाचार प्रकरण: पाकिस्तान की अदालत ने प्रधानमंत्री की बेटी एवं दामाद को ‘निर्दोष’ घोषित किया
भ्रष्टाचार प्रकरण: पाकिस्तान की अदालत ने प्रधानमंत्री की बेटी एवं दामाद को ‘निर्दोष’ घोषित किया
(एम जुल्करनैन)
लाहौर, पांच मई (भाषा) पाकिस्तान की एक अदालत ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की बेटी और उनके पति को भ्रष्टाचार एवं धनशोधन के एक बड़े मामले में सिर्फ एक सुनवाई में ‘निर्दोष’ घोषित कर सभी आरोपों से बरी कर दिया है।
भ्रष्टाचार रोधी प्रतिष्ठान (एसीई) ने सोमवार को भ्रष्टाचार विरोधी अदालत को बताया कि प्रधानमंत्री की बेटी राबिया इमरान और उनके पति अली इमरान यूसुफ को पंजाब साफ पानी कंपनी भ्रष्टाचार और धनशोधन मामले में संलिप्त नहीं पाया गया क्योंकि उनके खिलाफ कोई सबूत उपलब्ध नहीं है।
पिछले सप्ताह, एक जवाबदेही अदालत ने अरबों डॉलर के भ्रष्टाचार मामले में इस दंपति के खिलाफ जारी स्थायी गिरफ्तारी वारंट को निलंबित कर दिया।
जवाबदेही अदालत ने इमरान खान सरकार के कार्यकाल के दौरान 2022 में उनकी गिरफ्तारी के लिए स्थायी वारंट जारी किए थे।
राबिया और उनके पति गिरफ्तारी से बचने के लिए 2022 में ब्रिटेन भाग गए थे, जिसके बाद अदालत ने उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया था।
एक अधिकारी ने बताया कि एसीई की रिपोर्ट पर मामले की पहली सुनवाई में अदालत ने दंपति को भ्रष्टाचार और धनशोधन के सभी आरोपों से बरी कर दिया।
अदालत द्वारा जमानत दिए जाने के बाद राबिया और उनके पति कुछ सप्ताह पहले ब्रिटेन से वापस लौटे थे।
इस भ्रष्टाचार मामले में प्रधानमंत्री शहबाज का नाम भी आया था, लेकिन सबूतों के अभाव में उन्हें बरी कर दिया गया।
इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री शहबाज और सत्ताधारी गठबंधन के अन्य सदस्यों को विभिन्न भ्रष्टाचार मामलों में बरी किए जाने का कारण ‘न्यायपालिका का झुक जाना’ और ‘एनएबी-पीएमएलएन का गठजोड़’ है, जिसका तात्पर्य राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो और सैन्य समर्थित सरकार के बीच कथित गठबंधन से है।
भाषा
राजकुमार पवनेश
पवनेश

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