श्रीलंका के रामबुक्काना में हटाया गया कर्फ्यू, प्रदर्शनकारियों पर पुलिस गोलीबारी की जांच शुरू

श्रीलंका के रामबुक्काना में हटाया गया कर्फ्यू, प्रदर्शनकारियों पर पुलिस गोलीबारी की जांच शुरू

श्रीलंका के रामबुक्काना में हटाया गया कर्फ्यू, प्रदर्शनकारियों पर पुलिस गोलीबारी की जांच शुरू
Modified Date: November 29, 2022 / 08:21 pm IST
Published Date: April 21, 2022 11:22 am IST

कोलंबो, 21 अप्रैल (भाषा) श्रीलंकाई अधिकारियों ने हिंसा प्रभावित दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र रामबुक्काना से बृहस्पतिवार को कर्फ्यू हटाने की घोषणा की।

देश में ईंधन की कीमतों में ताजा बढ़ोतरी के खिलाफ रामबुक्काना में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे निहत्थे लोगों पर पुलिस की ओर से की गई गोलीबारी के बाद भड़की हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी जबकि 13 अन्य घायल हो गए थे।

पुलिस के मुताबिक बुधवार को स्थानीय समयानुसार पांच बजे कर्फ्यू हटा लिया गया।

एक अधिकारी के अनुसार, कोलंबो से लगभग 90 किलोमीटर उत्तर पूर्व में रामबुक्काना के अस्पताल में भर्ती 14 प्रदर्शनकारियों में से कम से कम तीन की हालत गंभीर बनी हुई है। इसके अलावा इस हिंसा में 15 पुलिसकर्मी भी घायल हो गए थे।

श्रीलंका के विदेश मंत्री जी एल पेइरिस ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने मानवाधिकार आयोग से पुलिस गोलीबारी और इस हिंसा की निष्पक्ष जांच करने का अनुरोध किया है। हम ईमानदारी से इसकी जांच कराना चाहते हैं और कुछ भी छिपाना नहीं चाहते हैं।’’

सार्वजनिक सुरक्षा मंत्रालय के शीर्ष नौकरशाह जगत एलविस ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने 33,000 लीटर ईंधन वाले ईंधन टैंकर को आग लगाने की कोशिश की थी। पुलिस को प्रदर्शनकारियों को ऐसा करने से रोकने के लिए मजबूर होकर गोलियां चलानी पड़ीं।

एलविस ने कहा कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाने में अत्यधिक शक्ति का इस्तेमाल किया था या नहीं, इसकी जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति नियुक्त की गई है।

अमेरिका, यूरोपीय संघ के दूतावासों और संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष अधिकारी ने पुलिस गोलीबारी की निंदा करते हुए बयान जारी किए हैं।

श्रीलंका 1948 में ब्रिटेन से आजादी मिलने के बाद से अब तक के इतिहास में अभूतपूर्व आर्थिक और ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है।

देश में ईंधन की कीमतें आसमान छू रहीं हैं।

श्रीलंका में लोग राष्ट्रपति गोटाबया राजपक्षे और उनकी पार्टी श्रीलंका पोदुजाना (पेरामुना) के नेतृत्व वाली सरकार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

भाषा रवि कांत नरेश

नरेश


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