पाकिस्तान में भारी बारिश से 12 लोगों की मौत, बाढ़ की चेतावनी

पाकिस्तान में भारी बारिश से 12 लोगों की मौत, बाढ़ की चेतावनी

पाकिस्तान में भारी बारिश से 12 लोगों की मौत, बाढ़ की चेतावनी
Modified Date: April 2, 2026 / 08:28 pm IST
Published Date: April 2, 2026 8:28 pm IST

कराची, दो अप्रैल (भाषा) पाकिस्तान के विभिन्न प्रांतों में भारी बारिश, आंधी और अचानक आई बाढ़ के कारण पिछले 24 घंटे में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई।

कराची में बृहस्पतिवार को चार घंटे तक औसतन 30 से 45 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।

कराची में बृहस्पतिवार सुबह शुरू हुई भारी बारिश के कारण प्राधिकारियों ने आपात स्थिति घोषित कर दी। बारिश से जलमग्न हुए शहर में सामान्य जीवन और यातायात बुरी तरह से बाधित हो गया है।

‘इधी ट्रस्ट’ और ‘चिप्पा वेलफेयर’ सहित बचाव सेवाओं ने विभिन्न क्षेत्रों में बिजली करंट लगने और घरों की दीवारें ढहने से पांच लोगों की मौत की पुष्टि की है।

कराची में तेज हवाओं के चलने से साइनबोर्ड गिर गए, पेड़ उखड़ गए और कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गईं, जिससे प्राधिकारियों को आपात स्थिति घोषित करनी पड़ी।

बारिश शुरू होते ही शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई।

पाकिस्तान मौसम विज्ञान विभाग (पीएमडी) ने कहा कि बृहस्पतिवार दोपहर तक कराची में विभिन्न स्थानों पर औसत वर्षा 30 से 45 मिलीमीटर के बीच दर्ज की गई।

आधिकारिक पीएमडी आंकड़ों के अनुसार, सुबह 10 बजे से अपराह्न दो बजे के बीच नजीमाबाद (पापोश नगर) में सबसे अधिक 69.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, उसके बाद केमारी में 56 मिमी और सादी टाउन में 48 मिमी वर्षा हुई।

कराची में पीएमडी की मौसम विज्ञानी अंजुम नजीर ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम और देर रात कराची में और बारिश होने के आसार हैं।

पाकिस्तान आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ ने बुधवार से हुई भारी बारिश के कारण बलूचिस्तान के तुरबत, कोहलो, जाफरबाद, लोरालाई, हरनाई और क्वेटा सहित विभिन्न हिस्सों में सात लोगों की मौत की सूचना दी है।

भारी बारिश के कारण लगभग 100 घर क्षतिग्रस्त हो गए और 50 पशु मारे गए।

बारिश से प्रांत की राजधानी क्वेटा से लगभग 100 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित किला अब्दुल्ला में अचानक जलभराव हो गया।

अधिकारियों ने बताया कि किला अब्दुल्ला इलाके में 15 लोगों को ले जा रही एक यात्री बस बह गई। बचाव दल यात्रियों को बचाने के लिए बस का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।

भाषा यासिर नरेश

नरेश


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