भारत और चीन के संबंध सुधार के ‘सही रास्ते’ पर अग्रसर : चीन के विदेश मंत्री वांग यी
भारत और चीन के संबंध सुधार के ‘सही रास्ते’ पर अग्रसर : चीन के विदेश मंत्री वांग यी
(केजेएम वर्मा)
बीजिंग, 26 मार्च (भाषा) चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत और चीन के संबंध सुधार के ‘‘सही रास्ते’’ पर बढ़ रहे हैं और मतभेदों की तुलना में उनके साझा हित कहीं अधिक हैं।
सत्तारूढ़ चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य वांग ने कहा कि दोनों देशों के नेताओं के रणनीतिक मार्गदर्शन के तहत, चीन-भारत संबंध सुधार के सही रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं।
उन्होंने निवर्तमान भारतीय राजदूत प्रदीप रावत से विदाई मुलाकात के दौरान कहा कि जटिल और अशांत अंतरराष्ट्रीय स्थिति का सामना करते हुए, चीन दोनों देशों के नेताओं के बीच बनी महत्वपूर्ण सहमति को लागू करने, एक-दूसरे को खतरे के बजाय विकास के अवसरों के रूप में देखने के सिद्धांत को बनाए रखने तथा एक-दूसरे को प्रतिस्पर्धियों के बजाय साझेदार मानने के लिए भारत के साथ काम करने को इच्छुक है।
लद्दाख में सैन्य गतिरोध के बाद पांच साल से अधिक समय तक ठप रहे भारत-चीन संबंधों में, 2024 के ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान रूस के कज़ान में और पिछले साल एससीओ (शंघाई सहयोग संगठन) शिखर सम्मेलन के दौरान तियानजिन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच हुई मुलाकातों के बाद सुधार आया।
पिछले कुछ महीनों में, भारत और चीन ने अपने संबंधों को सुदृढ़ करने के प्रयासों को तेज किया है, ताकि 2020 में गलवान घाटी में हुए सैन्य गतिरोध के बाद संबंधों को नये सिरे से शुरू किया जा सके, जिसने दशकों में संबंधों को सबसे निचले स्तर पर पहुंचा दिया था।
चीनी विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, वांग ने कहा कि दो पड़ोसी देशों और प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं के रूप में, भारत और चीन के साझा हित उनके मतभेदों से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने कहा कि चीन और भारत के आधुनिकीकरण के बिना विश्व का आधुनिकीकरण संभव नहीं है।
चीन विभिन्न क्षेत्रों में पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग बढ़ाने, ‘ग्लोबल साउथ’ के साझा हितों की रक्षा करने, ब्रिक्स जैसे मंच के भीतर बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने और चीन-भारत संबंधों में मुश्किल से हासिल की गई सकारात्मक गति को सुदृढ़ करने को भी इच्छुक है।
‘ग्लोबल साउथ’ से तात्पर्य उन देशों से है जिन्हें अक्सर विकासशील, कम विकसित या अविकसित के रूप में जाना जाता है। ये मुख्य रूप से अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका में स्थित हैं।
भारत इस साल के अंत में ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका) शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने जा रहा है। शी के इस शिखर सम्मेलन में शामिल होने की उम्मीद है।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि वांग ने चीन-भारत संबंधों में सुधार में रावत के प्रयासों और योगदान की सराहना की।
रावत, इस महीने के अंत में सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उनकी जगह विक्रम दोरईस्वामी लेंगे, जो वर्तमान में ब्रिटेन में भारतीय राजदूत हैं।
भाषा सुभाष रंजन
रंजन

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