पहले चिल्ड्रन बुकर पुरस्कार के चयन मंडल में भारतवंशी पुस्तक विक्रेता शामिल

पहले चिल्ड्रन बुकर पुरस्कार के चयन मंडल में भारतवंशी पुस्तक विक्रेता शामिल

पहले चिल्ड्रन बुकर पुरस्कार के चयन मंडल में भारतवंशी पुस्तक विक्रेता शामिल
Modified Date: April 28, 2026 / 04:20 pm IST
Published Date: April 28, 2026 4:20 pm IST

(अदिति खन्ना)

लंदन, 28 अप्रैल (भाषा) पहले चिल्ड्रन बुकर पुरस्कार 2027 के चयन मंडल की मंगलवार को घोषणा की गई, जिसमें उत्तरी लंदन में बच्चों की किताब दुकान संचालित करने वाली एक भारतवंशी विक्रेता को भी शामिल किया गया है।

मसवेल हिल स्थित पुरस्कृत ‘बच्चों की किताब दुकान’ की मालिक संचिता बसु डे सरकार, लेखक फ्रैंक कॉटरेल-बॉयस और अभिनेत्री लॉली एडेफोपे के साथ मिलकर आठ से बारह वर्ष की आयु के बच्चों के लिए समकालीन सर्वश्रेष्ठ कथा साहित्य का चयन करेंगी।

वार्षिक बुकर पुरस्कार की तरह ही, बच्चों के लिए इस साहित्यिक पुरस्कार के विजेता को 50,000 पाउंड की राशि दी जाएगी और अंतिम सूची में चयनित लेखकों को 2,500 पाउंड मिलेंगे। पहला चिल्ड्रन बुकर पुरस्कार दो फरवरी 2027 को उस कृति को दिया जाएगा, जो अंग्रेजी में लिखी गई हो या अंग्रेजी में अनूदित हो और जिसका प्रकाशन ब्रिटेन और/या आयरलैंड में हुआ हो।

‘साउथ एशियन इलस्ट्रेशन एंड लिटरेचर (एसएआईएल) फेस्टिवल’ की सह-संस्थापक संचिता बसु डे सरकार ने कहा, ‘‘यह मेरे लिए उन सभी चीजों को एक साथ लेकर आता है जिन्हें मैं पसंद करती हूं—ढेर सारी बच्चों की किताबें पढ़ना, उनके बारे में कुछ बेहद प्रतिभाशाली लोगों के साथ चर्चा करना, और इन किताबों को देशभर के बच्चों तक पहुंचाना ताकि हम इस बातचीत को आगे बढ़ा सकें।”

चयन मंडल में वयस्क निर्णायकों के साथ बाल निर्णायक भी शामिल होंगे, जिनका चयन पूरे ब्रिटेन में आयोजित एक प्रतियोगिता के जरिए किया जाएगा, जो इसी सप्ताह शुरू हुई है।

बसु डे सरकार ने कहा, ‘‘बच्चों के साथ निर्णायक की भूमिका निभाना एक बिल्कुल अनूठा अनुभव होने वाला है, और यह उन चीजों में से एक है जिसके लिए मैं चिल्ड्रन बुकर पुरस्कार को लेकर सबसे ज्यादा उत्साहित हूं।’’

वयस्क निर्णायक मंडल को 24 नवंबर को घोषित की जाने वाली आठ पुस्तकों की सूची तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके बाद आठ से 12 वर्ष आयु वर्ग के तीन बाल निर्णायक उनके साथ जुड़ेंगे और विजेता पुस्तक के चयन में भाग लेंगे। यह प्रक्रिया इस तरह से तैयार की गई है कि परिणाम में बच्चों की सीधी भागीदारी सुनिश्चित हो।

भाषा आशीष नरेश

नरेश


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