ईरान के पास कभी परमाणु हथियार नहीं होंगे, न आज और न कल: नेतन्याहू
ईरान के पास कभी परमाणु हथियार नहीं होंगे, न आज और न कल: नेतन्याहू
(हरिन्दर मिश्रा)
यरुशलम, 16 जून (भाषा) इजराइल में अमेरिका और ईरान के बीच समझौते को लेकर बढ़ती नाराजगी के बीच प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने कदमों का बचाव करते हुए कहा कि ‘‘ईरान को समझौते के साथ या उसके बिना भी परमाणु हथियार नहीं मिलेंगे।’’
नेतन्याहू ने सोमवार शाम आयोजित एक संक्षिप्त संवाददाता सम्मेलन में हिब्रू भाषा में कहा, ‘‘ईरान के पास कभी परमाणु हथियार नहीं होंगे, न आज और न कल।’’
उन्होंने कहा, ‘‘लोग मुझसे पूछते हैं कि हमने क्या हासिल किया है? मेरा जवाब है कि हमने अपने ऊपर मंडरा रहे विनाश के तत्काल खतरे को टाल दिया है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हमने इजराइल राष्ट्र को पूर्ण विनाश के खतरे से बचाया है।’’
प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब उन्हें विपक्ष के साथ-साथ सत्तारूढ़ गठबंधन के सहयोगियों की भी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।
पूर्व प्रधानमंत्री और प्रधानमंत्री पद के प्रमुख दावेदार नफ्ताली बेनेट ने इससे पहले संवाददाताओं से कहा कि नेतन्याहू सरकार का कार्यकाल ‘‘गृहयुद्ध जैसी स्थिति’’ से शुरू हुआ, सात अक्टूबर के नरसंहार की घटनाओं के बीच आगे बढ़ा और अब ईरान के मुद्दे पर ‘‘ऐतिहासिक विफलता’’ के साथ समाप्त हो रहा है।
बेनेट ने इजराइल की सुरक्षा बहाल करने का वादा करते हुए कहा कि यदि वह सत्ता में होते तो वे कूटनीतिक स्तर सहित हर मामले में अलग तरीके से काम करते। उन्होंने कहा कि वह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपने संबंधों का इस्तेमाल केवल इजराइल के राष्ट्रीय हितों के लिए करते।
राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन गवीर ने भी कहा कि प्रस्तावित समझौता इजराइल के लिए ‘‘बाध्यकारी नहीं’’ है।
अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ मतभेद की अटकलों पर नेतन्याहू ने कहा, ‘‘ऐसे अवसर आते हैं जब राष्ट्रपति ट्रंप और मेरे विचार पूरी तरह एक जैसे नहीं होते। इजराइल के सुरक्षा हितों की समझदारी से रक्षा की जानी चाहिए।’’
उन्होंने दक्षिणी लेबनान से सेना हटाने की संभावना को भी खारिज कर दिया। कई विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा प्रस्तावित समझौते में बाधा बन सकता है, जिसमें सभी प्रकार की शत्रुतापूर्ण गतिविधियां समाप्त करने का प्रावधान है।
नेतन्याहू ने कहा, ‘‘हमने इजराइल के चारों ओर गहरे सुरक्षा क्षेत्र स्थापित किए हैं। हमने यह गाजा, लेबनान और सीरिया में किया है, जहां हमने असद की सेना के सभी हथियारों को नष्ट कर दिया। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि अपने देश की सुरक्षा के लिए हम इन सुरक्षा क्षेत्रों में तब तक बने रहेंगे, जब तक इसकी आवश्यकता होगी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमने आतंकवादी शासन के नेताओं को खत्म किया और आतंक के कारखानों को ध्वस्त कर दिया। आप सभी गंभीर खतरे में थे।’’
इजराइली प्रधानमंत्री ने दोहराया कि लेबनान में स्थापित सुरक्षा बफर क्षेत्र में इजराइल की मौजूदगी ‘‘जितने समय तक आवश्यक होगी, उतने समय तक’’ बनी रहेगी।
भाषा मनीषा शोभना
शोभना

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