जयशंकर ने मंगोलियाई नेताओं से मुलाकात की, द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की
जयशंकर ने मंगोलियाई नेताओं से मुलाकात की, द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की
उलानबातर, 22 जून (भाषा) विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को मंगोलियाई विदेश मंत्री बैटसेटसेग बटमुंख से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच विकास परियोजनाओं, क्षमता निर्माण, सुरक्षा एवं बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग की प्रगति की समीक्षा की।
दो देशों की यात्रा के पहले चरण में उलानबातर पहुंचे जयशंकर ने मंगोलिया के राष्ट्रपति खुरेलसुख उखना से मुलाकात की तथा उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
जयशंकर ने मंगोलियाई विदेश मंत्री से मुलाकात को लेकर प्रसन्नता जतायी।
उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘हमारी चर्चाओं में हमारे रणनीतिक साझेदारी की गर्मजोशी, मजबूती और संभावनाओं की झलक मिली। हमने विकास परियोजनाओं, क्षमता निर्माण, संस्कृति, शिक्षा, सुरक्षा और बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग की प्रगति की समीक्षा की।’’
दोनों नेताओं ने खनन, स्वच्छ ऊर्जा और कृषि-प्रसंस्करण के क्षेत्रों में अवसरों पर भी चर्चा की। जयशंकर ने कहा, ‘‘एक तीसरे पड़ोसी और आध्यात्मिक साझेदार के रूप में भारत, मंगोलिया के साथ अपने घनिष्ठ और सौहार्दपूर्ण संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है।’’
विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि उन्होंने मंगोलिया के राष्ट्रपति खुरेलसुख उखना से भी मुलाकात की तथा उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति उखना की पिछले वर्ष की भारत यात्रा ने हमारी रणनीतिक साझेदारी को नई गति प्रदान की थी। विभिन्न क्षेत्रों में हमारे मजबूत सहयोग को आगे बढ़ाने के संबंध में उनके मार्गदर्शन को मैं महत्व देता हूं। मैं उनसे पूरी तरह सहमत हूं कि सबसे बड़ी मित्रता आध्यात्मिक मित्रता होती है।”
विदेश मंत्री जयशंकर ने मंगोलिया के सबसे बड़े बौद्ध उपासना स्थल गंदन मठ के मुख्य महंत खम्बा नोमुन खान गेशे लहारंपा डी जवजानदोर्जी से भी मुलाकात की।
जयशंकर ने कहा, “हमारे सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत बनाने तथा दोनों देशों के लोगों के बीच सद्भावना बढ़ाने के लिए उनके आशीर्वाद हमारे लिए अत्यंत मूल्यवान हैं।”
इससे पहले मंगोलियाई स्टेट सचिव मुंकटुशिंग इल्खानजाव ने जयशंकर के आगमन पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
जयशंकर ने कहा, ‘‘हम अपनी विशेष साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए उपयोगी बैठकों की उम्मीद करते हैं।’’
विदेश मंत्री जयशंकर मंगोलिया से बुधवार को कोरिया गणराज्य जाएंगे, जो उनकी दो दिवसीय यात्रा का अंतिम चरण होगा।
सियोल में जयशंकर अपने दक्षिण कोरियाई समकक्ष चो ह्यून के साथ वार्ता करेंगे। साथ ही वे बृहस्पतिवार को ‘जेजू फोरम फॉर पीस एंड प्रॉस्पेरिटी’ में मुख्य भाषण भी देंगे।
जेजू फोरम वैश्विक मुद्दों पर चर्चा का एक मंच है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के नेता और विशेषज्ञ भाग लेते हैं।
जयशंकर की यह यात्रा भारत की एशियाई साझेदारों के साथ संबंध मजबूत करने की प्रतिबद्धता दर्शाती है, जिसका उद्देश्य क्षेत्रीय सहयोग और स्थिरता को बढ़ावा देना है।
भाषा अमित संतोष
संतोष

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