खैबर पख्तूनख्वा विधानसभा : शहबाज, मुनीर के लिए नोबेल पुरस्कार की मांग संबंधी प्रस्ताव पेश
खैबर पख्तूनख्वा विधानसभा : शहबाज, मुनीर के लिए नोबेल पुरस्कार की मांग संबंधी प्रस्ताव पेश
पेशावर, 21 अप्रैल (भाषा) खैबर पख्तूनख्वा विधानसभा में मंगलवार को एक प्रस्ताव पेश किया गया, जिसमें प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और रक्षा बलों के प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को कूटनीति के माध्यम से क्षेत्रीय तनाव कम करने में उनकी भूमिका के मद्देनजर नोबेल शांति पुरस्कार के लिए अनुशंसित किया गया।
पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) की विधायक फराह खान ने यह प्रस्ताव विधानसभा सचिवालय को दिया। इसमें वैश्विक और क्षेत्रीय स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के समय पाकिस्तान की ‘‘जिम्मेदार, विवेकपूर्ण और सक्रिय कूटनीतिक भागीदारी’’ की सराहना की गई है। प्रस्ताव की विषयवस्तु के अनुसार, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तर पर शांति को बढ़ावा देने और उसे बनाए रखने में पाकिस्तान के योगदान को स्वीकार किया गया है।
इसमें शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर के नेतृत्व की सराहना की गई है, जिसमें उनके ‘‘दूरदर्शी नेतृत्व, रणनीतिक दूरदर्शिता और अथक कूटनीतिक प्रयासों’’ को रेखांकित किया गया है।
प्रस्ताव में दावा किया गया है कि पाकिस्तान ने अपनी वैश्विक स्थिति को मजबूत किया है और एक जिम्मेदार, शांतिप्रिय और सुलह को बढ़ावा देने वाले राष्ट्र के रूप में उभरा है, साथ ही अपनी कूटनीतिक भूमिका के लिए अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई है। इसमें कहा गया है कि देश के प्रयासों ने संभावित वैश्विक संकट को टालने और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव को कम करने में योगदान दिया।
प्रस्ताव का समापन यह कहते हुए किया गया है कि शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर के योगदान को स्वीकार करते हुए उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित किया जाए।
इस बीच, राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि सदन में इस प्रस्ताव पर चर्चा होने की संभावना कम है, क्योंकि बहुमत पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के पास है और वह इसका विरोध कर सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर प्रस्ताव पेश भी किया जाता है, तो उसके पारित होने की संभावना न के बराबर है।
जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ प्रमुख इमरान खान ने 2022 में मुनीर की सेना प्रमुख के रूप में नियुक्ति का विरोध किया था।
शहबाज और मुनीर के लिए नोबेल शांति पुरस्कार की मांग संबंधी इसी तरह का एक प्रस्ताव पंजाब विधानसभा ने 16 अप्रैल को सर्वसम्मति से पारित किया था।
भाषा आशीष अविनाश
अविनाश

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