लेबनान ने हिज़्बुल्ला के इजराइल पर हमले को अवैध बताया, परिवारों ने स्कूलों में ली शरण

लेबनान ने हिज़्बुल्ला के इजराइल पर हमले को अवैध बताया, परिवारों ने स्कूलों में ली शरण

लेबनान ने हिज़्बुल्ला के इजराइल पर हमले को अवैध बताया, परिवारों ने स्कूलों में ली शरण
Modified Date: March 2, 2026 / 08:27 pm IST
Published Date: March 2, 2026 8:27 pm IST

बेरूत, दो मार्च (एपी) इजराइल और ईरान-समर्थित चरमपंथी संगठन हिज़्बुल्ला के बीच एक नये और घातक संघर्ष शुरू होने के कारण सोमवार को लेबनान के दक्षिण और बेरूत के दक्षिणी उपनगरों से नागरिक भागकर राजधानी के स्कूलों में शरण लेने को मजबूर हो गए।

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि बेरूत के उपनगरों और दक्षिणी लेबनान में रात भर जारी हमलों में कम से कम 31 लोग मारे गये और 149 घायल हो गये।

लेबनान की सरकार ने सोमवार को इजराइल और अमेरिका के साथ ईरान के युद्ध में हिजबुल्ला के शामिल होने के फैसले की कड़ी निंदा की, चरमपंथी समूह की कार्रवाई को अवैध बताया और उससे अपने हथियार सौंपने को कहा।

इजराइल द्वारा एक साल से अधिक समय में लेबनान पर किए गए सबसे घातक हमले के बाद लोग भागने लगे, जिसके कारण रात भर और सोमवार की सुबह तक राजमार्ग जाम रहे। यह हमला हिजबुल्ला द्वारा एक साल से अधिक समय में पहली बार सीमा पार मिसाइल दागने के कुछ घंटों बाद हुआ।

एक सरकारी स्कूल को अस्थायी आश्रय स्थल में बदल दिया गया, जहां परिवार गद्दे, प्लास्टिक की थैलियां और कपड़ों के गठ्ठर लेकर पहुंचे। कुछ परिवारों के लोग अपने सामान के साथ फुटपाथ पर बैठे रहे और कुछ पुरुष अंदर जगह मिलने का इंतजार करते देखे गए।

इजराइल और हिजबुल्ला के बीच 2024 में हुए युद्ध के दौरान लेबनान में एक समय में 10 लाख से अधिक लोग विस्थापित हो गए थे। इनमें से कई लोग दक्षिण में स्थित अपने घर वापस नहीं लौट पाए हैं और वहां सीमावर्ती गांव खंडहर में तब्दील हो चुके हैं।

सोमवार को हुई हिंसा की घटना एक साल से अधिक समय में पहली बार हुई है और हिजबुल्ला ने इजराइल पर गोलीबारी की जिम्मेदारी ली है।

हिजबुल्ला ने एक बयान में कहा कि ये हमले ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने और ‘‘इजराइल द्वारा बार-बार की गई आक्रामकता’’ के प्रतिशोध में किए गए थे। उसने इसे ‘‘एक वैध रक्षात्मक प्रतिक्रिया’’ बताया।

लेबनान सरकार ने कहा है कि वह हिज्बुल्ला की सैन्य गतिविधियों को अवैध मानती है और समूह को अपने हथियार सौंप देने चाहिए। प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने सोमवार को कैबिनेट की आपातकालीन बैठक के बाद कहा कि युद्ध और शांति के मामलों पर निर्णय केवल सरकार को ही लेना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि हिजबुल्ला की सैन्य गतिविधियों पर आगे प्रतिबंध लगा दिया गया है।

एपी शुभम सुरेश

सुरेश


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