मिसरी ने वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों के साथ वार्ता कर रक्षा, व्यापार संबंधों पर चर्चा की
मिसरी ने वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों के साथ वार्ता कर रक्षा, व्यापार संबंधों पर चर्चा की
(सागर कुलकर्णी)
वाशिंगटन, नौ अप्रैल (भाषा) भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारियों से यहां मुलाकात की तथा रक्षा एवं व्यापार संबंधों को और गहरा करने को लेकर उनके साथ चर्चा की।
इस दौरान उन्होंने हिंद-प्रशांत और पश्चिम एशिया के घटनाक्रम पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।
अमेरिका की तीन दिन की यात्रा पर आए मिसरी ने अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के अवर सचिवों माइकल डफी और एल्ब्रिज कोल्बी तथा वाणिज्य मंत्रालय के अवर सचिवों जेफरी केसलर और विलियम किमिट से मुलाकात की।
अमेरिका में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘रक्षा क्षेत्र में भारत-अमेरिका के बीच आदान-प्रदान की गति को बनाए रखते हुए विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने युद्ध नीति मामलों के लिए अवर सचिव एल्ब्रिज कोल्बी के साथ पेंटागन में व्यापक बातचीत की जिसमें हिंद-प्रशांत क्षेत्र और पश्चिम एशिया में जारी घटनाक्रम पर चर्चा हुई।’’
कोल्बी ने पिछले महीने भारत का दौरा किया था और नयी दिल्ली में भारत-अमेरिका रक्षा नीति समूह की बैठक के इतर मिसरी से मुलाकात की थी।
मिसरी की रक्षा मंत्रालय में अधिग्रहण और अनुरक्षण के लिए अवर सचिव डफी के साथ भी ‘पेंटागन’ (अमेरिकी रक्षा मंत्रालय) में ‘‘सार्थक बातचीत’’ हुई।
भारतीय दूतावास ने ‘एक्स’ पर एक अन्य पोस्ट में कहा, ‘‘विदेश सचिव विक्रम मिसरी की पेंटागन में अधिग्रहण और अनुरक्षण के लिए युद्ध विभाग के अवर सचिव माइक डफी के साथ सार्थक बातचीत हुई।’’
दूतावास ने कहा कि दोनों पक्षों ने पिछले वर्ष हस्ताक्षरित द्विपक्षीय प्रमुख रक्षा साझेदारी के ढांचे में तय महत्वाकांक्षी लक्ष्यों के अनुरूप भारत और अमेरिका के बीच रक्षा उद्योग, प्रौद्योगिकी और आपूर्ति शृंखला संबंधों को और गहरा करने के उपायों पर चर्चा की।
मिसरी ने यहां वाणिज्य मंत्रालय में अवर सचिवों जेफरी केसलर और विलियम किमिट से भी मुलाकात की।
केसलर उद्योग एवं सुरक्षा ब्यूरो के लिए अवर सचिव हैं, जबकि किमिट अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रशासन के लिए अवर सचिव हैं।
दूतावास ने कहा, ‘‘विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने अवर सचिवों जेफरी केसलर और विलियम किमिट से मुलाकात की ताकि वाणिज्यिक और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों में सहयोग का विस्तार किया जा सके जो 21वीं सदी के लिए भारत-अमेरिका साझेदारी को और मजबूत करने के लिए अहम हैं। उन्होंने मजबूत और भरोसेमंद आपूर्ति शृंखलाओं के निर्माण पर भी चर्चा की।’’
मिसरी भारत-अमेरिका व्यापार और रक्षा संबंधों की समीक्षा करने तथा पश्चिम एशिया के संकट सहित वैश्विक घटनाक्रम पर चर्चा के लिए अमेरिका की यात्रा पर हैं।
उनकी यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब अमेरिका और भारत दोनों अनिश्चितता और तनाव के दौर के बाद संबंधों को स्थिर करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
अमेरिका द्वारा भारत पर दंडात्मक शुल्क लगाए जाने और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव समाप्त कराने में अपनी कथित भूमिका को लेकर विवादास्पद दावे किए जाने के बाद द्विपक्षीय संबंधों में बड़ी गिरावट आई थी।
भाषा
सिम्मी खारी
खारी

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