बांग्लादेश में भीड़ ने हिंदूओं के घरों और व्यवसायों पर हमले किये

बांग्लादेश में भीड़ ने हिंदूओं के घरों और व्यवसायों पर हमले किये

बांग्लादेश में भीड़ ने हिंदूओं के घरों और व्यवसायों पर हमले किये
Modified Date: April 12, 2026 / 01:12 am IST
Published Date: April 12, 2026 1:12 am IST

ढाका, 11 अप्रैल (भाषा) बांग्लादेश में शनिवार को दो अलग-अलग हमलों में इस्लाम का कथित तौर पर अपमान करने के आरोप में एक मौलाना की बेरहमी से हत्या कर दी गई, जबकि हिंदुओं के स्वामित्व वाली दुकानों और घरों में तोड़फोड़ की गई।

ढाका से लगभग 300 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित रंगपुर में एक मुस्लिम युवक की मौत के बाद, आक्रोशित भीड़ ने तड़के कई हिंदू घरों और व्यवसायों पर हमला कर दिया।

पुलिस का दावा है कि किसी ‘तीसरे पक्ष’ ने बीती रात रकीब हसन नामक व्यक्ति की हत्या के मामले से पुलिस का ध्यान भटकाने के लिए तोड़फोड़ की घटना को अंजाम दिया।

‘‘प्रोथोम आलो’’ अखबार ने बताया कि दसपारा बाजार क्षेत्र में हिंदू समुदाय के सौ से अधिक सदस्य रहते हैं, जहां हसन की हत्या कथित तौर पर मादक पदार्थ तस्कर मोहम्मद मोमिन ने एक पुराने विवाद को लेकर की थी।

अखबार के मुताबिक, मोमिन के परिवार को जवाबी हमलों का डर सता रहा था, इसलिए पत्रकारों को उसका घर खाली मिला। घर में छिपने के बाद पत्रकारों ने उसे खाली पाया।

पुलिस ने बताया कि यह हमला तब हुआ जब मृतक युवक के परिवार ने कहा कि हिंदू समुदाय का उसकी हत्या से कोई लेना-देना नहीं है।

हसन की मां नूर जहां बेगम ने स्थानीय पत्रकारों से कहा, ‘हमें उनसे (हिंदुओं से) कोई समस्या नहीं है।’

रंगपुर के पुलिस आयुक्त मोहम्मद मजीद अली ने पत्रकारों को बताया, “हम असली हत्यारों का पता लगा रहे हैं। हमने उन लोगों की भी पहचान कर ली है जिन्होंने हिंदू घरों और दुकानों में तोड़फोड़ की है।”

बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद ने नौ अप्रैल को कहा था कि इस साल एक जनवरी से 31 मार्च के बीच सांप्रदायिक हिंसा की 133 घटनाएं हुई हैं।

भाषा तान्या सुरेश

सुरेश


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