Nepal Flood Latest Update: नेपाल में हाहाकार! अब तक 586 लोगों के शव बरामद, 2400 से ज्यादा लोग लापता...पीएम शाह समेत सभी मंत्रियों ने दान की एक महीने की सैलरी /image: AI Generated
काठमांडू। Nepal Flood Latest Update: मध्य नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने तबाही मचा दी है। बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 586 (Nepal Flood Death 586) हो गई। करीब 2,400 लोग लापता (Nepal Flood Missing People) हैं, जबकि 586 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। राहत और बचाव अभियान में 15,431 सुरक्षाकर्मी और 16 हेलिकॉप्टर लगाए गए हैं। अब तक 4,451 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। करीब 320 भारतीयों से संपर्क नहीं हो पा रहा है, जबकि चीन में 400 भारतीयों के फंसे होने की खबर है। खबर है कि इंफोसिस पब्लिक सर्विसेज के CEO भी नेपाल में लापता बताए जा रहे हैं।
Nepal Flood News Today भारत ने नेपाल की मदद के लिए मेडिकल टीम, सुरंग बचाव दल और राहत सामग्री भेजी है। नेपाल ने भारत और चीन से 70 मीटर लंबे 10 बेली ब्रिज की मांग की है। तमिलनाडु के 63 मजदूरों समेत 21 लोग सुरक्षित भारत लौट चुके हैं। वहीं चार फ्रांसीसी नागरिक भी लापता हैं। नेपाल के आपदा राहत कोष में अब तक 190 करोड़ नेपाली रुपये से ज्यादा जमा हो चुके हैं।
Nepal Flood Latest Update भोटेकोशी नदी क्षेत्र में जलस्तर बढ़ने से दोबारा बाढ़ आने की आशंका के कारण तलाश और बचाव अभियान की रफ्तार कुछ समय के लिए धीमी कर दी गई थी, लेकिन अब इसे पूरी रफ्तार से फिर शुरू कर दिया गया है। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) ने कहा कि इस सप्ताह की शुरुआत में जिस स्थान पर भीषण बाढ़ आई थी वहां जलस्तर बढ़ने से क्षेत्र में एक बार फिर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
Nepal Flood Death Toll एनडीआरआरएमए ने कहा, ‘‘बुधवार को जिस स्थान पर अचानक बाढ़ आई थी, उसी जगह पर अब कीचड़-युक्त पानी का स्तर बढ़ गया है और क्षेत्र में एक बार फिर बाढ़ आने का खतरा है।’’ मध्य नेपाल के रसुवा और अन्य इलाकों में बुधवार को आई जबरदस्त बाढ़ के बाद यह चेतावनी जारी की गई है। बुधवार को आई बाढ़ में सैकड़ों लोगों की मौत हुई है तथा बस्तियों, सड़कों, पुलों और पनबिजली के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।
Nepal Flood Latest Update NDRRMA ने तलाश और बचाव कार्यों में शामिल लोगों तथा अलग-अलग वजहों से भोटेकोशी और त्रिशूली इलाकों में रह रहे लोगों से अपील की है कि वे अत्यधिक सतर्क रहें और किसी भी तरह का खतरा महसूस होने पर तुरंत सुरक्षित जगहों पर चले जाएं। नेपाल पुलिस ने शुक्रवार को बताया था कि इस हिमालयी देश के आठ जिलों से 579 शव बरामद किए गए थे, आज कई और लोगों के शव मिले है, जबकि हजारों लोग अब भी लापता हैं। पुलिस के अनुसार, चितवन जिले से 233, नवलपरासी पूर्व से 154, गोरखा से 46 और धादिंग से 40 शव बरामद किए गए हैं। इसी तरह, नुवाकोट से 37, तनाहू से 30, नवलपरासी पश्चिम से 27 और रसुवा से 12 शव बरामद किए गए हैं।
चीनी प्राधिकारियों के अनुसार, तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र की ग्यिरोंग काउंटी में पांच लोगों की मौत हो गई है। नेपाल के रसुवा और आसपास के जिलों में बुधवार सुबह अचानक बाढ़ आने के बाद से कम से कम 1,924 लोग लापता हैं। इनमें 86 सुरक्षाकर्मी, 517 विदेशी पर्यटक और 127 नेपाली यात्री शामिल हैं। प्रभावित इलाकों से अब तक 1,545 घायल व्यक्तियों और फंसे हुए लोगों को बचाया जा चुका है। इनमें से 84 लोगों का काठमांडू के अलग-अलग अस्पतालों में इलाज हो रहा है। परिजन बड़ी बेसब्री से अपनों की तलाश कर रहे हैं।
अब तक विभिन्न प्रभावित इलाकों से कुल 4,451 लोगों को बचाया जा चुका है। इनमें 85 भारतीयों समेत 129 विदेशी नागरिक और विभिन्न पनबिजली परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे 191 लोग शामिल हैं। काठमांडू के विभिन्न अस्पतालों में कुल 101 घायलों का इलाज जारी है। पुलिस के बयान के अनुसार, इस त्रासदी के बाद तीसरे दिन भी तलाश और बचाव अभियान जारी रहा। अभियान में 7,451 सुरक्षाकर्मी जुटे हुए हैं, जिनमें नेपाल सेना के 2,391 जवान शामिल हैं।
Nepal Flood Latest Update ‘द काठमांडू पोस्ट’ अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, सुदूरवर्ती क्षेत्रों तक पहुंचने और बचे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि जमीन पर काम करने वाली टीम नदी के किनारे और नदी के बहाव की दिशा में बसे इलाकों में तलाशी अभियान जारी रखे हुए हैं। नेपाल के कई इलाकों में अस्पतालों के मुर्दाघरों में जगह कम पड़ रही है, क्योंकि बाढ़ में बहकर नीचे की ओर आए और शव बरामद किए जा रहे हैं। रसुवा और नुवाकोट से बहकर आए शव चितवन, तनाहू, नवलपरासी, गोरखा और दूसरे जिलों तक मिले हैं, जिससे कई इलाकों के मुर्दाघरों में जगह की कमी हो गई है।
इस बीच, नेपाल सरकार ने विनाशकारी प्राकृतिक आपदा के बाद बने हालात को देखते हुए 29 अगस्त से सभी परीक्षाएं स्थगित करने का फैसला किया है। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह और उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों ने कैबिनेट की बैठक में आपदा राहत कोष में एक महीने का वेतन दान करने का निर्णय किया है। कैबिनेट ने वित्त मंत्रालय को अचानक आई बाढ़ से प्रभावित लोगों और व्यवसायों के लिए राहत, रियायती वित्त और पुनर्वास पैकेज तैयार करने का निर्देश भी दिया है।
एक अन्य घटनाक्रम में, नेपाल ने शुक्रवार को इस बात का खंडन किया कि उसने मित्र देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सहायता लेने से इनकार किया है। नेपाल ने कहा कि वह अपने सुरक्षा बलों की अधिकतम तैनाती को ‘‘प्राथमिकता’’ देना चाहता है, क्योंकि वे स्थानीय पर्यावरणीय परिस्थितियों और दुर्गम इलाकों से परिचित हैं।
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने शुक्रवार को कहा कि सरकार शुरुआती चरण में अपने सुरक्षा बलों की अधिकतम तैनाती को ‘‘प्राथमिकता’’ देना चाहती है। उन्होंने हालांकि स्पष्ट किया कि सरकार ने मित्र देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मिलने वाली सहायता से इनकार नहीं किया है।
Nepal Flood Latest Update इस बीच, चीन ने बृहस्पतिवार देर रात चौथे स्तर का अलर्ट जारी किया और कहा कि नेपाल में छोचेन खोला और पुरेपु त्सांगपो नदियों के संगम के पास एक बड़ी अवरोधक झील बन गई है। चीन में प्राकृतिक आपदाओं के लिए आपात प्रतिक्रिया प्रणाली के चार स्तर हैं, जिनमें पहला स्तर सबसे गंभीर और चौथा स्तर सबसे कम गंभीर होता है।
चीनी प्राधिकारियों ने नेपाल को बताया था कि झील में लगभग 20 लाख घन मीटर पानी जमा हो गया है और अगले तीन दिन में इसमें और 30 लाख घन मीटर पानी आ सकता है, जिससे झील टूटने का खतरा पैदा हो गया है। यह झील छोचेन खोला और पुरेपु त्सांगपो नदियों के संगम के पास बनी है। ये नदियां तिब्बत से निकलती हैं और भोटेकोशी नदी प्रणाली का हिस्सा बनकर नेपाल में बहती हैं।
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