भारत में निपाह वायरस के मामले सामने आने के मद्देनजर घबराने की जरूरत नहीं: दक्षिण अफ्रीका

भारत में निपाह वायरस के मामले सामने आने के मद्देनजर घबराने की जरूरत नहीं: दक्षिण अफ्रीका

भारत में निपाह वायरस के मामले सामने आने के मद्देनजर घबराने की जरूरत नहीं: दक्षिण अफ्रीका
Modified Date: January 31, 2026 / 04:17 pm IST
Published Date: January 31, 2026 4:17 pm IST

जोहानिसबर्ग, 31 जनवरी (भाषा) दक्षिण अफ्रीका ने भारत में जानलेवा निपाह वायरस के दो मामले सामने आने के बाद कहा है कि घबराने की जरूरत नहीं है और देश के लिए फिलहाल “कोई तात्कालिक” खतरा नहीं है।

स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि वह राष्ट्रीय संक्रामक रोग संस्थान (एनआईसीडी) के साथ मिलकर काम कर रहा है, जो स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।

स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा, “दक्षिण अफ्रीका के लिए कोई तात्कालिक खतरा नहीं है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।”

नयी दिल्ली में, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) से मिली जानकारी का हवाला देते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि पिछले साल दिसंबर से अब तक पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस रोग के केवल दो मामले सामने आए हैं।

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में राज्य स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि निपाह वायरस से संक्रमित दोनों नर्सों की स्वास्थ्य स्थिति में सुधार हुआ है और दोनों की जांच रिपोर्ट में अब संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है।

निपाह वायरस पशुओं से फैलने वाला एक वायरस है, जो आमतौर पर चमगादड़ों से मनुष्यों में फैलता है, लेकिन यह दूषित भोजन के जरिए या सीधे व्यक्ति से व्यक्ति में भी फैल सकता है।

स्वास्थ्य विभाग के राष्ट्रीय प्रवक्ता फोस्टर मोहाले ने कहा, “वैज्ञानिकों ने सलाह दी है कि इस स्तर पर प्रभावित देशों के बाहर जोखिम बहुत कम है और प्रवेश बिंदुओं(जैसे हवाई अड्डों या बंदरगाहों) पर जांच की कोई जरूरत नहीं है।’’

उन्होंने कहा, “एनआईसीडी में प्रयोगशाला परीक्षण की सुविधा उपलब्ध है और प्रमुख संसाधनों को मौजूदा प्रकोप से जुड़ी जानकारियों के अनुसार अद्यतन किया गया है।”

भाषा जोहेब खारी

खारी


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