उत्तर कोरिया ने कोरियाई प्रायद्वीप, जापान के बीच समुद्र में बैलिस्टिक प्रक्षेपास्त्र दागे

उत्तर कोरिया ने कोरियाई प्रायद्वीप, जापान के बीच समुद्र में बैलिस्टिक प्रक्षेपास्त्र दागे

उत्तर कोरिया ने कोरियाई प्रायद्वीप, जापान के बीच समुद्र में बैलिस्टिक प्रक्षेपास्त्र दागे
Modified Date: January 27, 2026 / 05:29 pm IST
Published Date: January 27, 2026 5:29 pm IST

सियोल, 27 जनवरी (एपी) उत्तर कोरिया ने मंगलवार को अपने पूर्वी जलक्षेत्र की ओर छोटी दूरी के बैलिस्टिक प्रक्षेपास्त्र दागे। पड़ोसी देशों की तरफ से यह जानकारी दी गयी।

यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब उत्तर कोरिया एक महत्वपूर्ण राजनीतिक बैठक से पहले अपने प्रतिद्वंद्वी दक्षिण कोरिया के साथ तनाव बढ़ा रहा है।

दक्षिण कोरिया की सेना ने कहा कि उसने उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग के उत्तर-पूर्व में स्थित एक क्षेत्र से कई बैलिस्टिक मिसाइलों के प्रक्षेपण का पता लगाया और प्रत्येक मिसाइल ने लगभग 350 किलोमीटर की दूरी तय की।

जापान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उत्तर कोरिया से दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलें कोरियाई प्रायद्वीप के पूर्वी तट पर गिरीं। मंत्रालय ने इन प्रक्षेपणों की निंदा करते हुए इन्हें जापान, क्षेत्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की शांति के लिए खतरा बताया।

दक्षिण कोरिया की सेना ने कहा कि उसने उत्तर कोरिया द्वारा किसी भी प्रकार की उकसावे वाली कार्रवाई को विफल करने के लिए दृढ़ तैयारी कर रखी है।

जनवरी की शुरुआत में उत्तर कोरिया द्वारा हाइपरसोनिक मिसाइलों का परीक्षण करने के बाद यह पहला मौका था जब उसने हथियारों का परीक्षण किया था। दिसंबर में उसने लंबी दूरी की रणनीतिक क्रूज मिसाइलों और नई वायुरोधी मिसाइलों का परीक्षण किया और अपनी पहली परमाणु-संचालित पनडुब्बी के निर्माण को दर्शाने वाली तस्वीरें जारी कीं।

अमेरिका और दक्षिण कोरिया के साथ 2019 में बातचीत रुकने के बाद से उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु और मिसाइल शस्त्रागार को बढ़ाने के लिए हथियारों का लगातार प्रक्षेपण किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन का मानना ​​है कि हथियारों का बड़ा जखीरा उन्हें अमेरिका से रियायतें हासिल करने के लिए अधिक ताकत देगा।

विश्लेषकों का कहना है कि उत्तर कोरिया ने ड्रोन हमले के आरोप सत्तारूढ़ ‘वर्कर्स पार्टी’ के सम्मेलन से पहले दक्षिण कोरिया के प्रति शत्रुतापूर्ण भावनाओं को संभवतः भड़काने के प्रयासों के तहत लगाए हैं। यह सम्मेलन जनवरी के अंत या फरवरी में शुरू होने की संभावना है।

एपी प्रशांत माधव

माधव


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