पाकिस्तान में ईंधन संकट के बीच सरकारी कंपनियों में 30 प्रतिशत तक वेतन कटौती को मंजूरी
पाकिस्तान में ईंधन संकट के बीच सरकारी कंपनियों में 30 प्रतिशत तक वेतन कटौती को मंजूरी
इस्लामाबाद, 14 मार्च (भाषा) शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली पाकिस्तान सरकार ने शनिवार को सरकारी स्वामित्व वाले उपक्रमों (एसओई) और स्वायत्त संस्थानों के कर्मचारियों के वेतन में पांच से 30 प्रतिशत तक कटौती को मंजूरी दे दी। यह कदम व्यापक मितव्ययिता अभियान के तहत उठाया गया है।
प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, ईंधन कीमतों में उतार-चढ़ाव और सरकारी बचत उपायों की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री शरीफ ने की।
बैठक में निर्णय लिया गया कि सरकारी कर्मचारियों की तरह ही राज्य के स्वामित्व वाले उपक्रमों और सरकार के संरक्षण में चलने वाले स्वायत्त संस्थानों के कर्मचारियों के वेतन में भी 5 से 30 प्रतिशत तक कटौती की जाएगी।
बयान में कहा गया है कि इन उपायों से होने वाली बचत का उपयोग केवल जनता को राहत देने के लिए किया जाएगा।
बैठक में यह भी बताया गया कि सरकारी वाहनों के लिए ईंधन आवंटन में 50 प्रतिशत कटौती की निगरानी तीसरे पक्ष के ऑडिट के माध्यम से की जाएगी, जबकि अगले दो महीनों में 60 प्रतिशत सरकारी वाहनों को सड़कों से हटा दिया जाएगा।
बयान के अनुसार, सरकार द्वारा नए वाहनों की खरीद पर पूर्ण प्रतिबंध और अन्य सरकारी खरीद पर रोक के फैसले को भी लागू रखा जाएगा।
कैबिनेट सदस्यों, मंत्रियों, सलाहकारों और विशेष सहायकों के दो महीनों के वेतन को भी जनकल्याण के लिए बचत के रूप में उपयोग किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकारी अधिकारियों, मंत्रियों, राज्य मंत्रियों और विशेष सहायकों की विदेशी यात्राओं पर लगाया गया पूर्ण प्रतिबंध जारी रहेगा।
अमेरिका-ईरान युद्ध के तीसरे सप्ताह में पहुंचने के बाद पाकिस्तान पर इसका असर दिखने लगा है। पिछले शुक्रवार को पेट्रोलियम कीमतों में 55 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि के बाद सरकार ने ईंधन खपत कम करने के लिए कई उपायों की घोषणा की थी।
भाषा
राखी अविनाश
अविनाश

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