पाकिस्तान के विदेश मंत्री डार ने अमेरिका और ईरान के बीच संदेश आदान-प्रदान करने की पुष्टि की
पाकिस्तान के विदेश मंत्री डार ने अमेरिका और ईरान के बीच संदेश आदान-प्रदान करने की पुष्टि की
(एम जुल्करनैन)
लाहौर, 26 मार्च (भाषा) पाकिस्तान ने बृहस्पतिवार को पुष्टि की कि वह अमेरिका और ईरान के बीच संदेशों का आदान-प्रदान करा रहा है और कहा कि पश्चिम एशिया संघर्ष को समाप्त करने का एकमात्र रास्ता संवाद व कूटनीति है।
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इसहाक डार ने बताया कि तुर्किये और मिस्र भी इस पहल का समर्थन कर रहे हैं और क्षेत्र में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए पाकिस्तान लगातार प्रयास कर रहा है।
उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘अमेरिका-ईरान के बीच अप्रत्यक्ष वार्ता पाकिस्तान के जरिए संदेशों के आदान-प्रदान से हो रही है। इस संदर्भ में अमेरिका ने 15 बिंदुओं का प्रस्ताव साझा किया है, जिस पर ईरान विचार कर रहा है। तुर्किये और मिस्र जैसे मित्र देश भी इस पहल में सहयोग दे रहे हैं।’’
डार पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री भी हैं। उन्होंने कहा, ‘‘संवाद और कूटनीति ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है।’’
उन्होंने अपने पोस्ट में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और अमेरिका के पश्चिम एशिया के दूत स्टीव विटकॉफ को भी टैग किया।
एक दिन पहले एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने नाम न उजागर करने की शर्त पर बताया था कि पाकिस्तान, पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच संदेश संप्रेषित कर रहा है।
अधिकारी ने बताया था, ‘‘हम अमेरिका-ईरान शांति वार्ता कराने की कोशिश कर रहे हैं और इसके लिए इस्लामाबाद को संभावित स्थल के रूप में भी प्रस्तावित किया है। लेकिन यह तभी संभव होगा जब ईरान, अमेरिका के साथ बातचीत के लिए तैयार होगा।’’
उन्होंने बताया कि 15 सूत्रीय प्रस्ताव में ईरान की परमाणु और क्षेत्रीय नीतियों पर सख्त शर्तें रखी गई हैं, जिसके बदले में बड़े पैमाने पर प्रतिबंधों में राहत दी जा सकती है।
अधिकारी के अनुसार, ईरान ने अपना रुख सख्त कर लिया है और अगर मध्यस्थता से गंभीर वार्ता शुरू होती है, तो वह अमेरिका से महत्वपूर्ण रियायतों की मांग कर रहा है।
ईरान के सरकारी चैनल ‘प्रेस टीवी’ ने खबर दी कि तेहरान ने अमेरिका के 15 सूत्रीय प्रस्ताव पर ‘‘नकारात्मक प्रतिक्रिया’’ दी है।
प्रस्ताव की जानकारी रखने वाले अधिकारी ने यह भी कहा कि ईरान, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को युद्ध समाप्ति के समय निर्धारण का अधिकार नहीं देगा।
भाषा गोला रंजन
रंजन

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