सेशेल्स में परियोजनाएं मेज़बान देश की प्राथमिकताओं पर आधारित होंगी : भारत

सेशेल्स में परियोजनाएं मेज़बान देश की प्राथमिकताओं पर आधारित होंगी : भारत

सेशेल्स में परियोजनाएं मेज़बान देश की प्राथमिकताओं पर आधारित होंगी : भारत
Modified Date: June 28, 2026 / 09:47 pm IST
Published Date: June 28, 2026 9:47 pm IST

विक्टोरिया (सेशेल्स), 28 जून (भाषा) भारत ने रविवार को कहा कि सेशेल्स में नयी दिल्ली जो भी परियोजना शुरू करेगा, वह यहां की सरकार की प्राथमिकताओं और इस द्वीपीय देश के लोगों के हितों को ध्यान में रखकर किया जाएगा।

विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने ‘‘अज़म्पशन आइलैंड’’ पर भारत की भूमिका को लेकर चल रही अटकलों पर यहां एक मीडिया ब्रीफिंग में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सेशेल्स यात्रा के दौरान इस खास मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हुई।

उन्होंने, हालांकि यह कहा कि अगर सेशेल्स सरकार के अधिकारी यह मामला उठाते हैं, तो नई दिल्ली इस पर बात करने के लिए तैयार रहेगी।

मिसरी उस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं, जो शनिवार से शुरू हुई मोदी की तीन-दिवसीय सेशेल्स यात्रा में उनके साथ है।

उन्होंने कहा, ‘‘सेशेल्स या किसी भी दूसरे देश में हम जो भी परियोजना शुरू करते हैं, उसका निर्धारण असल में उस देश की सरकार और वहां के अधिकारियों की प्राथमिकताओं और हितों के आधार पर ही होता है।’’

मिसरी ने कहा कि भारत का यह मानना है कि किसी भी तरह का सहयोग -चाहे वह विकास, सुरक्षा या रक्षा से जुड़ा सहयोग हो- उसे आखिर में उस देश के लोगों की इच्छाओं और हितों के अनुरूप ही होना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘इस मामले में भी, इसे सेशेल्स की सरकार और वहां के लोगों के हितों और प्राथमिकताओं के अनुरूप होना चाहिए।’’

विदेश सचिव ने कहा, ‘‘मौजूदा दौरे के दौरान हमने खासतौर पर इस बारे में बात नहीं की है, लेकिन अगर उस देश के अधिकारी यह मुद्दा उठाते हैं, तो हम इस पर चर्चा करने के लिए तैयार रहेंगे।’’

मिसरी ने कहा कि उन्हें पता है कि सेशेल्स के अधिकारियों के पास इस द्वीप को लेकर ‘कुछ विचार’ हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं समझता हूं कि यहां के अधिकारियों के पास इस बारे में कुछ विचार हैं कि क्या किया जाए और अगर उन्हें लगता है कि ये ऐसे क्षेत्र हैं जिनमें हम उनकी मदद कर सकते हैं, तो हमें ऐसा करने में बहुत खुशी होगी।’’

सेशेल्स में ‘‘एजम्पशन आईलैंड’’ कई सालों से राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दा रहा है। द्वीप पर विकास से जुड़े पहले के प्रस्तावों ने देश में राजनीतिक बहस छेड़ दी थी।

जब उनसे पूछा गया कि क्या भारत अपनी विकास सहायता के बदले सेशेल्स से कुछ उम्मीद करता है, तो मिसरी ने कहा कि द्विपक्षीय संबंध ‘लेन-देन वाले’ नहीं हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘ये रिश्ते सम्मान, भरोसे और दोस्ती पर आधारित हैं।’’

मिसरी ने आगे कहा, ‘‘अगर आप मुझसे ज़ोर देकर पूछें कि मेरी क्या उम्मीद है, तो मैं कहूंगा – दोस्ती।’’

भाषा

सुरेश नरेश

नरेश


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