संरा प्रमुख ने अपने लोगों के वास्ते कोविड-19 टीके के लिए समझौते करने वाले देशों की आलोचना की

संरा प्रमुख ने अपने लोगों के वास्ते कोविड-19 टीके के लिए समझौते करने वाले देशों की आलोचना की

संरा प्रमुख ने अपने लोगों के वास्ते कोविड-19 टीके के लिए समझौते करने वाले देशों की आलोचना की
Modified Date: November 29, 2022 / 08:52 pm IST
Published Date: September 22, 2020 5:04 pm IST

संयुक्त राष्ट्र, 22 सितम्बर (भाषा) संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने मंगलवार को उन देशों की आलोचना की जो विशेष तौर पर अपने नागरिकों के वास्ते टीके के लिए समझौते कर रहे हैं। गुतारेस ने कहा कि ऐसा प्रयास ‘निरर्थक’ है।

गुतारेस ने कहा, ‘‘हम वैश्विक लोक भलाई के लिए उपचार और चिकित्सा को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं। हम इसके लिए प्रयासों का समर्थन कर रहे हैं कि लोगों के लिए टीका उपलब्ध हो और यह सभी जगह किफायती हो। इसके बावजूद कुछ देश विशेष रूप से अपनी आबादी के लिए समझौते कर रहे हैं।’’

उन्होंने मंगलवार को शुरू हुए संयुक्त राष्ट्र महासभा के 75वें सत्र को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘टीके के लिए ऐसा प्रयास न केवल अनुचित बल्कि निरर्थक भी है। हममें से तब तक कोई भी सुरक्षित नहीं है जब तक सभी सुरक्षित नहीं हैं। इसी तरह, अर्थव्यवस्था किसी महामारी से भागकर नहीं चल सकती।’’

संयुक्त राष्ट्र महासभा का यह सत्र कोविड-19 महामारी के साये में हो रहा है।

वैश्विक संगठन ऑक्सफैम ने चेतावनी दी है कि दुनिया के महज 13 फीसदी लोगों का प्रतिनिधित्व करने वाले धनी देश पहले ही कोविड-19 के आने वाले प्रमुख टीकों की खुराक के आधे (51 फीसदी) से अधिक पर कब्जा कर चुके हैं।

ऑक्सफैम ने कहा कि अमीर देशों, विशेष रूप से अमेरिका का ‘‘मुझे पहले’’ वाला राष्ट्रवादी दृष्टिकोण समन्वय को रोकता है और यह टीके को उन लोगों तक पहुंचने से रोक सकता है या इसे विलंबित कर सकता है जो विकासशील देशों में रहते हैं और सबसे अधिक जोखिम में हैं।

कोविड-19 से अभी तक तीन करोड़ से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं और 958,000 से अधिक की मौत हो चुकी है। अमेरिका में अभी तक 67 लाख लोग कोविड-19 से संक्रमित हो चुके हैं और 200,000 से अधिक की मौत हो चुकी है।

गुतारेस ने कहा कि महामारी की शुरुआत से ही संयुक्त राष्ट्र ने एक बड़े बचाव पैकेज को आगे बढाया है जो कि वैश्विक अर्थव्यवस्था का कम से कम 10 प्रतिशत है।

उन्होंने देशों का आह्वान किया कि वे इस वैश्विक संकट के समय में एकजुट होकर काम करें।

भाषा अमित दिलीप

दिलीप


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