श्रीलंका के प्रांतीय चुनाव में और देरी होगी
श्रीलंका के प्रांतीय चुनाव में और देरी होगी
कोलंबो, 10 अप्रैल (भाषा) श्रीलंका के नौ प्रांतों में 2014 से लंबित परिषद चुनाव में और देरी होने की संभावना है क्योंकि इस मामले पर गठित सर्वदलीय समिति ने मतदान कराने में आने वाली कठिनाइयों के कानूनी पक्ष पर मंथन करने की सिफारिश की है। शुक्रवार को यह जानकारी दी गई।
संसद के प्रेस सूचना कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि चुनाव से निर्वाचन प्रणाली की सिफारिश करने के लिए गठित सर्वदलीय समिति की बैठक मंगलवार को विदेश मंत्री विजिता हेरथ की अध्यक्षता में हुई।
बयान में कहा गया है कि समिति ने चुनाव कराने में आने वाली कठिनाइयों को समझने के लिए अटॉर्नी जनरल विभाग से कानूनी स्थिति पर एक दस्तावेज तैयार करने का अनुरोध करने का फैसला किया है।
भारत, श्रीलंका पर 13वें संविधान संशोधन (13ए) को लागू करने के लिए दबाव डाल रहा है, जिसे 1987 के भारत-श्रीलंका समझौते के बाद किया गया था। इस संशोधन के जरिये प्रांतीय परिषदों के माध्यम से द्वीप राष्ट्र में तमिल अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों को सत्ता के हस्तांतरण का प्रावधान किया गया है।
यह मुद्दा अप्रैल 2025 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कोलंबो यात्रा के दौरान भी उठाया गया था। भारत सरकार ने समय-समय पर श्रीलंका सरकार से अपील की है कि काफी समय से टल रहे प्रांतीय परिषद चुनावों को यथाशीघ्र कराया जाए।
भाषा धीरज माधव
माधव

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