टीका राष्ट्रवाद बंद कर, अंतरराष्ट्रीयवाद को बढ़ावा दें: भारत ने कोविड-19 पर यूएनएससी की बैठक में कहा

टीका राष्ट्रवाद बंद कर, अंतरराष्ट्रीयवाद को बढ़ावा दें: भारत ने कोविड-19 पर यूएनएससी की बैठक में कहा

टीका राष्ट्रवाद बंद कर, अंतरराष्ट्रीयवाद को बढ़ावा दें: भारत ने कोविड-19 पर यूएनएससी की बैठक में कहा
Modified Date: November 29, 2022 / 08:42 pm IST
Published Date: February 17, 2021 3:56 pm IST

(योषिता सिंह)

संयुक्त राष्ट्र, 17 फरवरी (भाषा) करीब 25 देशों को ‘मेड इन इंडिया’ कोविड-19 टीका भेजने वाले भारत ने बुधवार को अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अनुरोध किया कि “टीका राष्ट्रवाद” बंद करें और सक्रिय तौर पर “अंतरराष्ट्रीयवाद” को बढ़ावा दें।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस बात को रेखांकित किया कि खुराकों की जमाखोरी से महामारी के खिलाफ लड़ाई और सामूहिक स्वास्थ्य सुरक्षा हासिल करने के वैश्विक प्रयास नाकाम हो जाएंगे।

जयशंकर ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के विचार के लिये नौ बिंदुओं को रेखांकित किया ताकि दुनिया कोविड-19 महामारी को निर्णायक रूप से पीछे छोड़कर ज्यादा लचीली बनकर उभरे।

कोविड-19 महामारी के संदर्भ में विरोधों के उन्मूलन पर संकल्प 2532 (2020) के कार्यान्वयन पर खुली बहस के दौरान जयशंकर ने कहा, “टीका राष्ट्रवाद बंद कीजिए, इसके बजाय सक्रिय रूप से अंतरराष्ट्रीयवाद को बढ़ावा दीजिए। अतिरिक्त खुराकों को जमा करने से सामूहिक स्वास्थ्य सुरक्षा हासिल करने के हमारे प्रयास नाकाम होंगे।”

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि महामारी का फायदा उठाने के लिये गलत जानकारी पर आधारित अभियान चलाए जा रहे हैं, ऐसे कुटिल लक्ष्यों और गतिविधियों को निश्चित रूप से रोका जाना चाहिए।

जयशंकर ने इस बात पर चिंता जताई कि टीका वितरण के संदर्भ में वैश्विक समन्वय का आभाव मतभेद और मुश्किलें पैदा करेगा तथा गरीब देश इससे सर्वाधिक प्रभावित होंगे। उन्होंने रेड क्रॉस की अंतरराष्ट्रीय मिति (आईसीआरसी) के अनुमान का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे इलाकों में करीब छह करोड़ लोग जोखिम के दायरे में हैं।

भाषा

प्रशांत माधव

माधव


लेखक के बारे में