ट्रंप परिवार की सौदों की होड़ भावी राष्ट्रपतियों के लिए पद के दुरुपयोग का रास्ता खोल सकती है
ट्रंप परिवार की सौदों की होड़ भावी राष्ट्रपतियों के लिए पद के दुरुपयोग का रास्ता खोल सकती है
न्यूयॉर्क, 13 अप्रैल (एपी) अमेरिका के पिछले लगभग सभी राष्ट्रपतियों ने ऐसा कोई भी कदम उठाने से परहेज किया है, जिससे जनता के बीच यह संकेत जाता हो कि उनके परिवार को उनके पद से लाभ मिल रहा है।
हैरी ट्रूमैन ने न सिर्फ राष्ट्रपति पद पर रहते हुए, बल्कि उसके बाद भी अपने नाम से कोई व्यवसाय शुरू करने से इनकार कर दिया। वहीं, रिचर्ड निक्सन को अपने भाई के उनके राष्ट्रपति पद का फायदा उठाने का इस कदर डर था कि उन्होंने उसका फोन टैप करवाया था, जबकि जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने पदभार संभालने से पहले ही अपने व्यक्तिगत शेयर बेच दिए थे।
हालांकि, मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पूरी तरह से अलग रुख अपना रहे हैं।
ट्रंप के राष्ट्रपति कार्यकाल में उनके परिवार का रियल एस्टेट कारोबार लगभग एक सदी पहले अपनी स्थापना के बाद से विदेश में सबसे तेज विस्तार के दौर से गुजर रहा है। उसकी तरफ से किया जाने वाला हर सौदा टैरिफ (शुल्क) नीति से लेकर सैन्य सहायता तक, अमेरिकी प्रशासन के लगभग हर फैसले को प्रभावित कर रहा है।
एरिक और डोनाल्ड जूनियर (ट्रंप के बेटे) के नेतृत्व में संचालित पारिवारिक व्यवसाय ने क्रिप्टोकरेंसी (आभासी मुद्रा) की दुनिया में भी कदम रख दिया है, जिससे अरबों डॉलर का निवेश हासिल हुआ है, लेकिन इस बारे में सवाल भी उठे हैं कि क्या कुछ बड़े निवेशकों को बदले में अनुकूल शर्तों पर कारोबार की छूट तो नहीं दी गई।
दोनों भाइयों ने अपने पिता के नेतृत्व वाले प्रशासन के साथ व्यापार करने की इच्छुक कई कंपनियों में या तो निवेश किया है या हिस्सेदारी ली है।
पिछले महीने एरिक और डोनाल्ड जूनियर ने एक ऐसी ड्रोन निर्माता कंपनी में करोड़ों डॉलर की हिस्सेदारी हासिल करने के लिए समझौते पर दस्तखत किए, जो न सिर्फ पेंटागन (अमेरिकी रक्षा विभाग का मुख्यालय), बल्कि ईरानी हमलों का सामना कर रहे तथा अमेरिकी सेना पर निर्भर पश्चिम एशियाई देशों के साथ भी विभिन्न अनुबंध हासिल करने की कोशिशों में जुटी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ और ‘ट्रंप ऑर्गेनाइजेशन’ ने हितों के टकराव के किसी भी आरोप से इनकार किया है। हाल ही में एक क्रिप्टो सम्मेलन में इस मुद्दे के बारे में पूछे जाने पर डोनाल्ड जूनियर ने कहा, “सच कहूं तो, यह मुद्दा पुराना हो चुका है।”
हितों के टकराव के आरोप लगभग एक दशक पहले भी लगे थे, जब ट्रंप पहली बार राष्ट्रपति चुने गए थे। लेकिन कुछ सरकारी नैतिकता विशेषज्ञ और इतिहासकार तर्क देते हैं कि उनके दूसरे कार्यकाल में हितों के टकराव और पद के दुरुपयोग का मुद्दा अभूतपूर्व, अधिक स्पष्ट एवं लोकतंत्र के लिए कहीं ज्यादा खतरनाक है।
प्रिंसटन विश्वविद्यालय में राष्ट्रपति मामलों के इतिहासकार जूलियन जेलिजर कहते हैं, “मुझे लगता है कि अमेरिकी प्रशासन के नीतिगत फैसलों, राजनीतिक नफा-नुकसान और ट्रंप परिवार के हितों के बीच संबंध अब एकदम स्पष्ट दिखाई देता है।”
ट्रंप के पहले राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान ‘ट्रंप आर्गेनाइजेशन’ ने विदेश में एक भी समझौता नहीं किया था। लेकिन उनके दूसरे कार्यकाल का पहला साल पूरा होते-होते उसने (ट्रंप आर्गेनाइजेशन) विदेश में आठ सौदे कर लिए, जो विदेशी सरकारों के साथ सीधे व्यापार में शामिल नहीं होने के उसके नियम के खिलाफ है।
कतर में ट्रंप गोल्फ क्लब और विला परियोजना का एक हिस्सा कतर सरकार के स्वामित्व वाली कंपनी विकसित कर रही है। वियतनाम सरकार ने देश में ट्रंप रिजॉर्ट के निर्माण के लिए एक समझौते पर दस्तखत किए हैं। ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने खबर दी थी कि सरकार ने इस रिजॉर्ट के निर्माण के लिए किसानों को उनकी जमीन से बेदखल कर दिया है। सऊदी अरब में लाल सागर पर प्रस्तावित ‘ट्रंप प्लाजा’ रिजॉर्ट का निर्माण अमेरिकी राष्ट्रपति के परिवार का एक करीबी सऊदी रियल एस्टेट डेवलपर कर रहा है।
इन समझौतों ने अमेरिकी नीतियों में उन तरीकों से कोई बदलाव लाने में कोई भूमिका निभाई या नहीं, जैसा कि इन देशों ने चाहा था, यह जानना लगभग असंभव है, लेकिन इन देशों को वह मिल गया, जो वे चाहते थे-कतर को उन्नत अमेरिकी प्रौद्योगिकी तक पहुंच, वियतनाम को ‘टैरिफ’ में राहत और सऊदी अरब को लड़ाकू विमान।
और ‘ट्रंप ऑर्गेनाइजेशन’ को भी शुल्क के रूप में अरबों अमेरिकी डॉलर का फायदा मिला।
एपी पारुल प्रशांत
प्रशांत

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