अमेरिका के दो वैज्ञानिकों पर अफ्रीका से निष्क्रिय मंकीपॉक्स वायरस की शीशियां तस्करी करने का आरोप

अमेरिका के दो वैज्ञानिकों पर अफ्रीका से निष्क्रिय मंकीपॉक्स वायरस की शीशियां तस्करी करने का आरोप

अमेरिका के दो वैज्ञानिकों पर अफ्रीका से निष्क्रिय मंकीपॉक्स वायरस की शीशियां तस्करी करने का आरोप
Modified Date: June 3, 2026 / 08:45 am IST
Published Date: June 3, 2026 8:45 am IST

डेट्रॉइट (अमेरिका), तीन जून (एपी) अमेरिका की एक सरकारी प्रयोगशाला के दो वैज्ञानिकों पर अफ्रीका से निष्क्रिय मंकीपॉक्स वायरस की शीशियां देश में तस्करी करके लाने और मिशिगन के एक हवाई अड्डे पर जांचकर्ताओं से झूठ बोलने का आरोप लगाया गया है। प्राधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

डेट्रॉइट की संघीय अदालत में विंसेंट मुंस्टर और क्लॉड क्वे के खिलाफ आपराधिक शिकायत दर्ज की गई। मुंस्टर, मोंटाना के हैमिल्टन स्थित ‘रॉकी माउंटेन लैबोरेटरीज’ में वायरस पारिस्थितिकी अनुभाग के प्रमुख हैं और क्वे उनके साथ काम करते हैं।

मुंस्टर और क्वे को जनवरी में डेट्रॉइट मेट्रोपॉलिटन हवाई अड्डे पर उस समय रोक लिया गया था, जब वे पेरिस से लौटे थे और उससे पहले कांगो गणराज्य में नौ दिन बिताकर आए थे। मध्य अफ्रीका के विशाल देश कांगो में एमपॉक्स बीमारी के प्रकोप के कारण दो हजार से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। हालांकि, करीब दो वर्षों से जारी यह प्रकोप अप्रैल में समाप्त घोषित कर दिया गया था।

संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) ने अदालत में दाखिल दस्तावेज में कहा कि मुंस्टर ने इस बात से इनकार किया था कि वह किसी जैविक सामग्री या नमूने के साथ अमेरिका लौटा है।

लेकिन बाद में जांच में पता चला कि दोनों के पास निष्क्रिय मंकीपॉक्स वायरस की शीशियां थीं, जिनके बारे में न तो जानकारी दी गई थी और न ही उन्हें अमेरिका लाने के लिए आवश्यक अनुमति ली गई थी।

स्वास्थ्य एवं मानव सेवा विभाग के महानिरीक्षक कार्यालय के मार्कस साइक्स ने कहा, ‘‘उचित अनुमति के बिना जैविक सामग्री को जानबूझकर छिपाकर अमेरिका में लाने की कोई भी कोशिश जनता के भरोसे के साथ धोखा है और इससे आम लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती थी।’’

मुंस्टर और क्वे की ओर से इस पर फिलहाल प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है। दोनों बुधवार को मोंटाना के मिसौला में संघीय अदालत में पेश हो सकते हैं।

एपी खारी गोला

गोला


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