संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान से तक्षशिला स्थलों पर पुनर्निर्माण हटाने को कहा

संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान से तक्षशिला स्थलों पर पुनर्निर्माण हटाने को कहा

संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान से तक्षशिला स्थलों पर पुनर्निर्माण हटाने को कहा
Modified Date: July 2, 2026 / 08:41 pm IST
Published Date: July 2, 2026 8:41 pm IST

(सज्जाद हुसैन)

इस्लामाबाद, दो जुलाई (भाषा) संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान से कहा है कि वह यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल तक्षशिला में मौजूद दो ऐतिहासिक स्थलों पर उन ‘पुनर्निर्माण’ कार्यों को बंद करे एवं हटाए, जिनसे इन स्थलों की ‘अखंडता को नुकसान’ पहुंचा है, वरना इन स्थलों को एजेंसी की ‘खतरे वाली सूची’ में डाल दिया जाएगा। बृहस्पतिवार को स्थानीय मीडिया ने यह खबर दी।

‘डॉन’ अख़बार ने सूत्रों के हवाले से बताया कि संयुक्त राष्ट्र की सांस्कृतिक शाखा यूनेस्को ने हाल में सरकारी अधिकारियों से कहा कि वह मोह्रा मोराडु और सिरकाप की ऐतिहासिक जगहों को सूची से बाहर करने में नहीं हिचकिचाएगा ।

उसने कहा कि वह ठीक वैसे ही इन स्थलों को धरोहर सूची से बाहर कर देगा, जैसे उसने जर्मनी में एक विश्व धरोहर स्थल को ‘सूची से बाहर’ कर दिया था, क्योंकि हाल में वहा ‘गैर-ज़रूरी दखल’ हुए हैं।

संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी ने चेतावनी दी कि अगर उठाए गए कदमों को वापस नहीं लिया गया, तो वह तक्षशिला को अपनी विश्व धरोहर सूची से हटा देगी।

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के रावलपिंडी ज़िले में स्थित तक्षशिला एक विशाल जगह है, जिसमें मध्य-पाषाण युग (मेसोलिथिक) की एक गुफ़ा और चार शुरुआती बस्तियों, बौद्ध मठों, एक मस्जिद और एक मदरसे के पुरातात्विक अवशेष शामिल हैं।

यूनेस्को की वेबसाइट के अनुसार, तक्षशिला में बसी चार जगहों के खंडहर पांच से ज़्यादा सदियों के दौरान भारतीय उपमहाद्वीप में शहरी विकास के पैटर्न को दिखाते हैं।

मार्च में, एक आंगुतक ने पेरिस में यूनेस्को में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि के साथ जानकारी और तस्वीरें साझा कीं, जिनमें पंजाब पुरातत्व विभाग द्वारा किए जा रहे पुनर्निर्माण कार्यों को दिखाया गया था।

रिपोर्ट में कहा गया है कि आंगुतक ने ऐसे बदलाव देखे जिनसे ‘संपदा की असलियत और अखंडता पर असर पड़ सकता है, खासकर पुरानी दीवारों की जगह नई दीवारें बनाना या उनकी ऊंचाई बढ़ाना।’

यूनेस्को ने चेतावनी दी कि ‘गैर-ज़रूरी बदलावों’ से इन जगहों की असलियत और अखंडता को नुकसान पहुंचता है तथा इनके ‘खतरे वाली सूची’ में शामिल होने का जोखिम पैदा हो सकता है।

भाषा राजकुमार माधव

माधव


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